फतेहाबाद। जिले में परिवार पहचान पत्र के अंतर्गत एकल नागरिक और असहाय श्रेणी में दर्ज मामलों की जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। क्रीड विभाग की घर-घर सत्यापन प्रक्रिया के दौरान खुलासा हुआ कि अधिकांश लाभार्थियों ने गलत जानकारी दर्ज कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का प्रयास किया।
जांच में सामने आया कि जिले में 4980 नागरिकों ने स्वयं को एकल या असहाय श्रेणी में दर्ज कराया था। जांच में इनमें से मात्र 70 मामलों में ही दी गई जानकारी सही पाई गई। कई मामलों में विवरण वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता मिला। क्रीड विभाग की टीम ने कई दिनों तक घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच की और परिवार पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी का मिलान किया।
इस दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कई लोगों ने पात्रता नियमों को नजरअंदाज कर गलत या अधूरी जानकारी दर्ज कराई थी। अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आए अधिकांश मामले नियमों के अनुरूप नहीं थे और लाभ लेने के उद्देश्य से पारिवारिक स्थिति छिपाई गई थी। इससे सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए गलत पाए गए मामलों में सरकारी सुविधाएं बंद कर दी हैं।
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60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का भी डाटा मिला गलत
जिले में 3100 नागरिक ऐसे हैं जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है। इन बुजुर्गों ने बुढ़ापा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी सुविधाएं लेने के लिए अपने आप को पीपीपी में असहाय दर्ज करवाया है। जब क्रीड विभाग की टीम ने भौतिक सत्यापन शुरू किया ये यह बुजुर्ग परिवार व अपने किसी परिचित के साथ रहते मिले। वहीं 30 वर्ष और 60 वर्ष के बीच के आयु के 1700 नागरिकों ने परिवार पहचान पत्र अपने आप को एकल दर्ज करवाया है और 30 वर्ष से कम आयु के 180 नागरिकों ने एकल दिखाया है।
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:: क्रीड विभाग ने आय सत्यापन, एकल परिवार पहचान पत्र और घर की स्थिति के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया का काम शुरू किया है। जिन नागरिकों ने पीपीपी में गलत आंकड़े दर्ज करवाए हैं वे नागरिक सीएससी में जाकर अपने सही डाटा दर्ज करवा लें। क्रीड विभाग की जांच में डाटा गलत पाया जाता है तो भविष्य उनकी सभी सरकारी सुविधाएं बंद की जाएगी।
- संदीप कुमार, जिला प्रोग्रामर, क्रीड विभाग, फतेहाबाद।