भूना। अगर सही समय पर सहारा और मार्गदर्शन मिल जाए तो जिंदगी की दिशा बदल सकती है। जिला पुलिस के ऑपरेशन जीवन ज्योति अभियान की मुहिम रंग लाई और गांव धोलू निवासी 29 वर्षीय गुरदीप सिंह ने नशे की गिरफ्त से निकलकर फिर से सामान्य जीवन की राह पकड़ ली।
12वीं कक्षा तक पढ़ा-लिखे गुरदीप को दोस्तों के साथ संगत में शराब की लत लग गई। उसकी यह आदत धीरे-धीरे चिट्टा और मेडिकल नशे तक पहुंच गई। नशे की वजह से उसकी पेट्रोल पंप की नौकरी छूट गई और परिवार व समाज में उसकी छवि खराब हो गई। करीब दो महीने पहले गांव में लगे नशा मुक्ति कैंप के दौरान गुरदीप के परिवार ने पुलिस टीम से मदद मांगी। टीम प्रभारी सुंदर लाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरदीप की काउंसिलिंग और उपचार शुरू करवाा।
टीम प्रभारी सुंदर लाल ने बताया कि उपचार के दौरान कई चुनौतियां आईं। गुरदीप का व्यवहार आक्रामक हो जाता था लेकिन पुलिस टीम ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उसकी काउंसिलिंग जारी रखी। परिवार को भी इस प्रक्रिया में जोड़ा गया जिससे उसे भावनात्मक सहारा मिला।लगातार प्रयासों का नतीजा यह रहा कि आज गुरदीप पूरी तरह नशा छोड़ चुका है और सम्मानजनक जीवन जी रहा है।