फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में सोमवार को एक दिन की छुट्टी के बाद ओपीडी शुरू हुई तो मरीजों की लाइन लग गई। सुबह करीब सवा 8 बजे नागरिक अस्पताल में ई-उपचार का सर्वर में खराबी आने के कारण बंद हो गया। इसके चलते मरीजों का ओपीडी पंजीकरण रुक गया।
इस कारण 40 मिनट तक ओपीडी रजिस्ट्रेशन केंद्र पर पर्ची नहीं कट पाई। इसके बाद मैनुअल पर्ची काटनी शुरू की गई। इसके चलते काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग गई। करीब एक घंटे बाद सर्वर रहा। पर्ची कटनी शुरू हुई तो ओपीडी के बाहर धक्का-मुक्की के हालात रहे। यहां तक अस्पताल में दोपहर दो बजे तक डिस्पेंसरी के बाहर भी धक्का-मुक्की जैसे हालात रहे।
सोमवार को ओपीडी ज्यादा होने के कारण सैंपल कलेक्शन केंद्र के बाहर भी धक्का-मुक्की रही। यहां पर आधा घंटा पहले सैंपल कलेक्शन रोकना पड़ा। अस्पताल में अन्य दिनों में नसबंदी केसों में दोपहर साढ़े 11 बजे तक और ओपीडी मरीजों के साढ़े 12 बजे तक सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल में आम दिनों में ओपीडी 700 से 800 मरीजों तक रहती है लेकिन सोमवार को 850 से 900 मरीजों तक रही।
विशेषज्ञ छुट्टी पर इमरजेंसी वार्ड के बाहर हुई धक्का-मुक्की
नागरिक अस्पताल में सोमवार को टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा की ओपीडी बंद रही। डॉ. टुटेजा के पास ही हेपेटाइटिस, टीबी और वायरल बुखार संबंधित मरीज आते हैं। लेकिन सोमवार को ओपीडी बंद होने के चलते मरीजों को आपातकाल ओपीडी में जाना पड़ा। इसके चलते गेट पर मरीजों की भीड़ लगी रही।
- छुट्टी में उठा रहे फायदा, नसबंदी केस तीन गुना हुए
नागरिक अस्पताल में महिला नसबंदी केस तीन गुना तक बढ़ गए हैं। पहले जहां अस्पताल में नसबंदी के लिए 7 से 8 केस आते थे, अब रोजाना 20 से 25 केस आ रहे हैं। महिलाएं आशा वर्कर को साथ लेकर नसबंदी के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रही हैं। इसके चलते भी अस्पताल में ब्लड कलेक्शन केंद्र पर भीड़ बढ़ रही है। जिला कॉर्डिनेटर नरेंद्र खरब का कहना है कि जून माह में नसबंदी मामले बढ़ जाते हैं। वजह ये है कि बच्चों की छुट्टी होने के कारण महिलाएं इन दिनों में नसबंदी करवाना ज्यादा सही समझती हैं।
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नागरिक अस्पताल में ई-उपचार सर्वर में दिक्कत के कारण ओपीडी रजिस्ट्रेशन बंद हुआ था। इसके बाद मैनुअल पर्ची काट कर व्यवस्था बना दी गई थी। सोमवार होने के कारण मरीजों की संख्या ज्यादा रही है।
- डॉ. राजीव तंवर, एसएमओ, नागरिक अस्पताल