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Fatehabad News: संसाधन के सिर्फ कागजी दावे, मैदान न कोच, कैसे तैयार हो खिलाड़ी

Thu, 28 Aug 2025 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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गांव भोड़िया खेड़ा में ​स्थित जिला मुख्यालय का स्टेडियम जहां सिंथेटिक ट्रैक बनना है। संवाद
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फतेहाबाद। जिले में खेलों को बढ़ावा देने के सरकार के दावे भले ही बड़े हो, लेकिन हकीकत इससे उलट है। खिलाड़ियों के लिए न तो पर्याप्त मैदान हैं और न ही मौजूदा संसाधनों की सही देखभाल हो रही है। कई योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई हैं, और जो प्रोजेक्ट शुरू भी हुए थे, वे अधूरे पड़े हैं।
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जिला मुख्यालय पर बनने वाला सिंथेटिक ट्रैक लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। प्रदेश सरकार की ओर से वर्षों पहले इसकी घोषणा की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही रुक गया। इस वजह से ट्रैक के इंतजार में एथलीट खिलाड़ी आज भी खुले मैदानों में अभ्यास करने को मजबूर हैं।
चिंताजनक स्थिति गांव दरियापुर स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक एस्ट्रो टर्फ फुटबाल मैदान की है। वर्ष 2012 में तत्कालीन केंद्रीय खेल और युवा राज्य मंत्री अजय माकन ने इसका शिलान्यास किया था। करीब तीन करोड़ की लागत से मैदान तो 2015 में बनकर तैयार हो गया, लेकिन इसके साथ प्रस्तावित छात्रावास व अकादमी का निर्माण आज तक अधूरा है।
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लोक निर्माण विभाग को यह स्टेडियम खेल विभाग को हैंडओवर करना था, लेकिन दस साल बीत जाने के बावजूद यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। देखरेख के अभाव में स्टेडियम की दीवारें टूट रही हैं, फुटबॉल रैक बेतरतीब पड़ा है और मैदान की चमक फीकी पड़ चुकी है।
यह मैदान न केवल हरियाणा, बल्कि उत्तर भारत का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्ट्रो टर्फ फुटबाल ग्राउंड माना गया था, लेकिन अब यह सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है। जिस उद्देश्य से मैदान का निर्माण किया गया था वह सपना अब तक अधूरा है। वर्तमान में यहां पर युवा क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों की प्रैक्टिस करते हैं।
इसके अलावा वे आर्मी और बीएसएफ जैसी सेवाओं में भर्ती की तैयारी के लिए दौड़ भी लगाते हैं। साल 2020 में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत तत्कालीन सांसद सुनीता दुग्गल ने दरियापुर गांव को गोद लिया था लेकिन उनके कार्यकाल में भी इस फुटबाल स्टेडियम की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।


टूटा गोल पोस्ट, झुकीं ग्रिल

फुटबाल मैदान में गोल पोस्ट टूट गया है, वहीं इस मैदान के चारों ओर लगाए गए जाल गायब हो चुके हैं। सुरक्षा के लिए लगाई गई इसकी ग्रिल भी गिरने के कगार पर हैं। गांव दरियापुर के सरपंच प्रतिनिधि सुरेश कंबोज ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत ने व्यवस्था सुधारने के लिए प्रयास किए लेकिन प्रशासन व सरकार ने उनका किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया। खेल विभाग के अधिकारी कहते हैं कि यह स्टेडियम हमारे अंडर नहीं है। वे कई बार उपायुक्त महोदय से यहां व्यवस्था सुधारने के लिए मिल चुके हैं।

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ट्रैक के निर्माण से पहले मिट्टी डालने के लिए रुका काम

करीब एक साल पहले विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला मुख्यालय पर बनने वाले सिंथेटिक ट्रैक के बजट के साथ घोषणा की थी। एक साल बाद अब काम शुरू होने लगा तो खिलाड़ियों व खेल विभाग ने इसका विरोध किया। विरोध का मुख्य कारण यह था कि जिस एजेंसी की ओर से ट्रैक का टेंडर लिया गया है वह बिना मिट्टी डाले रोड से करीब दो फुट नीचे मैदान में बनाया जा रहा है। खिलाड़ियों ने इसका विरोध कर अधिकारियों को मामला बताया। जिसके बाद अधिकारियों ने एजेंसी को मिट्टी डालने को लेकर कहा, लेकिन एजेंसी ने मिट्टी डालने से मना कर दिया। जिसके बाद खेल विभाग के अधिकारियों ने मुख्यालय में 20 लाख रुपये एस्टीमेट मिट्टी डालने के लिए भेजा, लेकिन विभाग ने उसे पास नहीं किया। जिस कारण काम अभी भी रुका हुआ है।

गांव दरियापुर में बना फुटबाल स्टेडियम खेल विभाग के अधीन नहीं है। लोक निर्माण विभाग की ओर से इसका निर्माण किया गया था। खेल विभाग उनकी इमारत या उनकी जगह पर हस्तक्षेप नहीं कर सकता, जिस कारण स्टेडियम जर्जर हो रहा है।



- विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी फतेहाबाद।

गांव भोड़िया खेड़ा में स्थित जिला मुख्यालय का स्टेडियम जहां सिंथेटिक ट्रैक बनना है। संवाद

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