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सिर्फ 40 फीसदी लोग ही बच्चों को लगवा रहे समय पर टीका

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कोरोना ने बच्चों के टीकाकरण पर ब्रेक लगा दी है। जिन वैक्सीन और ड्राप्स से बच्चों को अलग-अलग रोगों से लड़ने की ताकत मिलनी है वो ही मां-बाप बच्चों को नहीं लगवा रहे हैं। जनवरी में जहां फतेहाबाद क्षेत्र में 533 बच्चों को टीका लगा था वहीं अब ये आंकड़ा मई माह में 185 पर आ गया है। शहर और गांवों में रूटीन टीकाकरण हो रहा है लेकिन लोग ही बच्चों को कोरोना में टीका लगवाने से कतरा रहे हैं। मई माह में रोजाना 8 ही बच्चों को टीका लगाया गया है। ये भी वो शिशु हैं जिन गर्भवती की नागरिक अस्पताल में डिलिवरी हुई है। अस्पताल प्रशासन की माने तो नागरिक अस्पताल में डिलिवरी केस भी कम आ रहे हैं।
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जानिए बच्चों को कब टीका लगवाना जरूरी
जन्म के समय : बीसीजी, हेपेटाइटिस बी
डेढ़ माह पर : पेंटा (आईपीवी, पीसीवी) पोलियो, रोटा (ड्राप्स)
ढाई माह पर : पेंटा, रोटा, पोलियो
साढ़े तीन माह पर : पेंटा (आईपीवी, पीसीवी) पोलियो, रोटा (ड्राप्स)
नौ माह पर : एमआर, पीसीवी
डेढ़ साल पर : डीपीटी (इंजेक्शन) एमआर, पोलियो (ड्राप्स)
फतेहाबाद क्षेत्र में ये हुआ टीकाकरण
माह टीकाकरण
जनवरी 533
फरवरी 428
मार्च 481
अपै्रल 349
मई 185
नागरिक अस्पताल में डिलिवरी के केस भी घटे
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक नागरिक अस्पताल में पहले की तुलना में डिलिवरी कम हो रही है। लोग यहां पर डिलिवरी करवाने की जगह निजी अस्पतालों में जा रहे है। इसके पीछे मुख्य कारण ये है कि यहां पर डिलिवरी के दौरान कोरोना टेस्ट किया जाता है। कोरोना संक्रमित मिलने पर स्पेशल वार्ड में डिलिवरी की जाती है। अब तक तीन कोरोना संक्रमित गर्भवती की डिलिवरी की जा चुकी है।
कोट
कोरोना के चलते लोग बच्चों को टीका लगवाने के लिए नहीं आ रहे है। मई माह में बहुत कम टीकाकरण हुआ है। लोगों से अपील है कि बच्चों को समय पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर टीका जरूर लगवाएं। वैक्सीन बच्चों को रोगों से लड़ने की क्षमता देते हैं।
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- राजरानी, स्टाफ नर्स, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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