फतेहाबाद। पराली जलाने के मामले में जिले का लगातार प्रदेश में पहला स्थान बना हुआ है। शुक्रवार को प्रदेश में आए पराली जलाने के मामलों में से एक तिहाई मामले अकेले फतेहाबाद में आए। शुक्रवार को प्रदेश में 45 जगहों पर पराली जली, जिनमें से 15 स्थान फतेहाबाद जिले के हैं। अब तक जिले में 491 स्थानों पर पराली जलाने के मामले आ चुके हैं। कृषि विभाग 274 किसानों को 71400 रुपये जुर्माना लगा चुका है।
उधर, पराली की आग रोकने को लेकर अब प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सर्वोच्च न्यायालय व सरकार के निर्देशों की पालना में पराली जलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। आग लगाने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं से वंचित रखा जाएगा। साथ ही आर्म्स लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। एफआईआर दर्ज करने सहित सामाजिक पेंशन व किसानों को विभिन्न योजनाओं की मिल रही सब्सिडी भी बंद की जा सकती है।
डीसी अजय सिंह तोमर ने लघु सचिवालय के सभागार में पराली के अवशेषों को जलाने की रोकथाम को लेकर शुक्रवार को बैठक की। बैठक में सभी डीएसपी और एसएचओ के अलावा कृषि विभाग, पंचायत विभाग, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में डीसी ने सभी एसएचओ को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में किसानों को पराली जलाने से रोकें। उन्होंने अन्य अधिकारियों से कहा कि फील्ड में रहकर किसानों को पराली जलाने के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें।
धान की फसल की कटाई नहीं होने वाले क्षेत्र की मांगी सूची
बैठक में डीसी ने कृषि उपनिदेशक को निर्देश दिए कि जिले के जिन क्षेत्रों में धान फसल की अभी तक कटाई नहीं हुई है, उनकी सूची डीसी कार्यालय को उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को इस बारे जागरूक करें कि वे पराली को गोशालाओं में भेजें ताकि चारे की कोई कमी न आएं। पराली को इकट्ठा करने के लिए गांव में पंचायती भूमि को भी अधिकृत किया गया है। इस अवसर पर एडीसी डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी, जिला परिषद के सीईओ अजय चोपड़ा, डीएसपी जयपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, शमशेर सिंह, डीडीए डॉ. राजेश सिहाग, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राकेश कुमार सहित संबंधित थाना क्षेत्र के एचएसओ व निरीक्षक मौजूद रहे।
शाम को एक्यूआई रहा 368
जिले में वायु प्रदूषण की स्थिति अभी ठीक नहीं हुई है। शुक्रवार को एक्यूआई 368 रहा। 100 से ज्यादा एक्यूआई स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होने लगता है। मगर पिछले 20 दिनों से भी अधिक समय से जिले में एक्यूआई अपने खतरनाक स्तर पर ही बना हुआ है। दो-तीन दिन पानी का छिड़काव करवाने के बाद नगर परिषद प्रशासन भी सुस्त हो गया है।
गांव साधनवास में आग लगाता मिला किसान, 2500 का जुर्माना लगाया
वहीं, जाखल के गांव साधनवास में कृषि विभाग की टीम को दौरे के दौरान एक किसान पराली में आग लगाते हुए मिला। इस पर अधिकारियों ने किसान को 2500 रुपये का जुर्माना लगाया। कृषि अधिकारी डॉ. अजय ढिल्लो ने बताया कि जाखल क्षेत्र के गांव कासिमपुर, उदयपुर, मूसाखेड़ा, साधनवास, तलवाड़ा आदि गांव में दौरा किया गया। किसानों से अपील की गई है कि वह पराली में आग न लगाएं।
दिवाली के बाद हर रोज पराली जलाने के इस तरह रहे आंकड़े
13 नवंबर - 24
14 नवंबर - 2
15 नवंबर - 36
16 नवंबर - 15
17 नवंबर - 15
पराली की आग की रोकथाम के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों से कहा है कि फील्ड में रहकर किसानों को पराली जलाने के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें।
-अजय सिंह तोमर, डीसी, फतेहाबाद