फतेहाबाद। हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तत्वाधान में जिला टास्क फोर्स की बैठक बुधवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जिले में बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता आयोग के सदस्य अनिल कुमार और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की डिविजन हेड पायल शर्मा ने की। बैठक में लेबर विभाग के अधिकारियों ने नियमित बैठक का रिकॉर्ड नहीं दिखा पाए, जिससे आयोग के सदस्य नाराज हुए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला टास्क फोर्स की बैठकें हर महीने नियमित रूप से आयोजित की जाएं, ताकि बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
बैठक में आयोग के सदस्यों ने पिछली बैठक के एजेंडे और मिनट्स मांगे, लेकिन अधिकारी उन्हें पेश नहीं कर पाए। सदस्यों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया और कहा कि बैठकें नियमित नहीं हो रही हैं, बजट का उपयोग नहीं हुआ और कोई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मिनट्स ऑफ मीटिंग सुव्यवस्थित तैयार किए जाएं और समय सीमा में रिपोर्टिंग की जाए। अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने कहा कि बच्चों के हित सर्वोपरि रखते हुए हर स्तर पर सतर्कता और त्वरित कार्रवाई बढ़ाई जाए।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष चारु चौधरी ने बताया कि शहर में जगह-जगह भीख मांगने वाले बच्चे हैं, जिनका कोई डाटा या आधार कार्ड नहीं है। डिविजन हेड पायल शर्मा ने कहा कि देश के चुनिंदा जिलों में अभियान चलाया जा रहा है और फतेहाबाद उन जिलों में शामिल है क्योंकि यहां स्थिति चिंताजनक है। बैठक में एसडीएम राजेश कुमार, सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन चारू चौधरी, डीएसपी कुलवंत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई, सहायक श्रम आयुक्त कुलदीप, डीसीपीओ शिव कुमार माैजूद रहे।