फतेहाबाद। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित होने वाले पोषण आहार में गड़बड़ी रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय विभाग ने नई व्यवस्था शुरू की है। पोषण ट्रैकर एप से अब जिले की गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए राशन वितरण को ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था से राशन वितरण में पारदर्शिता आएगी और इससे जुड़े सभी कार्य ऑनलाइन ट्रैक किए जा सकेंगे। पोषण ट्रैक एप पर पात्र का चेहरा स्कैन होगा। इसके अलावा पात्र का ओटीपी प्राप्त करने के बाद ही राशन का वितरण किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार पात्रों का पंजीयन पोषण ट्रैकर एप पर कर लिया गया है, जिसमें मोबाइल नंबर और आधार लिंक किया गया है।
ऐसे में राशन प्राप्त करने के लिए हर बार ओटीपी दर्ज की कार्रवाई होगी। ऐसे में राशन पात्र आंगनबाड़ी केंद्र में अपना मोबाइल फोन लेकर जाएं या ओटीपी दर्ज करवाने का कोई अन्य विकल्प होना चाहिए।
1036 आंगनबाड़ी केंद्र
वर्तमान में जिले में 1036 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनके माध्यम से प्रत्येक मंगलवार को हितग्राहियों को टेक होम राशन वितरित किया जाता है। अब इस एप पर गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं, 6 महीने से 3 वर्ष तक के बच्चे और किशोरियों का पंजीयन ऑनलाइन किया जा चुका है।
वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे
इसके साथ ही विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन केंद्रों पर वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी गड़बड़ी न हो। कई बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र पर देर से पहुंचते थे, जिसके कारण राशन का वितरण पूरी तरह से नहीं हो पाता था और बचा हुआ राशन विक्रय कर दिया जाता था। इस नई व्यवस्था के लागू होने से ऐसी गड़बड़ी पर रोक लगेगी।
:: ऑनलाइन पोषण ट्रैक राशन एप शुरू किया गया जिसके तहत आंगनबाड़ी वर्करों को आदेश जारी कर दिए हैं कि वे इसके माध्यम से ही राशन वितरण करें।
-सुनील कुमार, जिला संयोजक, महिला एवं बाल विकास विकास विभाग, फतेहाबाद।