फतेहाबाद। इस बार जून-जुलाई की भीषण गर्मी में जिले के 70 गांवों को अघोषित कटों से राहत मिलेगी। किसानों को भी खेतों को पानी की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए 10 नए उपकेंद्र शुरू कर दिए हैं। इन पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत आई है। नए उपकेंद्र बनने से 70 गांवों को राहत मिली है।
इन नए उपकेंद्रों के शुरू होने से जिले की कुल बिजली क्षमता में 72.5 एमवीए की वृद्धि हुई है। इस बढ़ी हुई क्षमता के कारण अब कई गांवों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने में सहायता मिली है। इनके शुरू होने से गर्मी के मौसम में होने वाली लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से राहत मिली है।
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ये बिजली उपकेंद्र हो चुके हैं पूरे
गांव- खर्च राशि
एमपी रोही-7.80
माजरा-4.80
जाखन दादी-3.84
झलनियां-4.48
बाड़ा-4.60
हसंगा-5.50
ढांड-6.14
नकटा-5.85
दौलतपुर-5.50
म्योंद कलां-10
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इन उपकेंद्रों का काम है जारी
नांगल-5.70 एमवी
ठरवा- 6.00 एमवी
इंदाछोई-7.50 एमवी
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इन उपकेंद्रों की बढ़ाई गई है क्षमता
गांव- पहले क्षमता- अब क्षमता- खर्च राशि
दरियापुर-20 एमवीए-28 एमवीए-1.47
तेलीवाड़ा-14.3 एमवीए-20.5-1.19
हांसपुर-10 एमवीए-20.5 एमवीए-1.46
फतेहाबाद-28 एमवीए-32.5 एमवीए-1.22
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तकनीकी त्रुटियों में होगी कमी
इन नए उपकेंद्रों के चालू होने से ग्रामीणों को बेहतर बिजली मिल रही है। वहीं कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली से संबंधित समस्याओं का भी प्रभावी ढंग से समाधान हो रहा है। लाइनों की लंबाई कम होने से फाल्ट ढूंढने और तकनीकी खराबी को दूर करने में भी कम समय लग रहा है।
:: जिले में 10 उपकेंद्र बनाकर शुरू कर दिए गए हैं इनमें से 3 का काम भी जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा ताकि बिजली की सुविधा में वृद्धि हो सके और पूरी क्षमता का लाभ उठाया जा सके। जगमग योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध एवं 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में इनका निर्माण किया गया है।
-ब्रह्मदत्त जेई, बिजली निगम, फतेहाबाद।