फतेहाबाद। परिवार पहचान पत्र में अब नव विवाहित पत्नी का नाम पति के साथ जुड़ सकेगा। पहले महिला का नाम पति के साथ जोड़ने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य था, अब पोर्टल पर इसकी अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। परिवार पहचान पत्र पोर्टल में मर्ज का नया विकल्प आया है, जिसके तहत पत्नी का नाम उसके पति के साथ जुड़ जाएगा।
परिवार पहचान पत्र में पहले पत्नी का नाम पति के साथ नहीं जुड़ पा रहा था। कई मामलों में तो महिलाओं के नाम के आगे उनके पिता का नाम आ रहा है। इसका मुख्य कारण यह था कि अगर पत्नी का नाम पति के साथ जोड़ना है तो परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर पति व पत्नी का मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य था। जिले में कई नवविवाहिताएं ऐसी हैं, जिनका नाम अपने पति के साथ नहीं जुड़ पा रहा था। ऐसे में उनको मैरिज सर्टिफिकेट व अन्य कागजात तैयार करवाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे थे, लेकिन अब पोर्टल पर इसका हल निकाल दिया गया है। परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर मर्ज के नाम से नया विकल्प आ गया है। जिसके तहत मैरिज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता समाप्त करते हुए इस विकल्प के आधार पर पत्नी का नाम पति के साथ जुड़ जाएगा। इससे जिले के करीब ढाई हजार नवविवाहिताओं को फायदा होगा।
फतेहाबाद में कई परिवार ऐसे हैं, जिनके घर में नवविवाहिताओं को आए 1 साल से अधिक हो गया है, लेकिन मैरिज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता के चलते उनका नाम परिवार पहचान पत्र में पति के साथ नहीं जुड़ पा रहा था। ऐसे मामले में पोर्टल पर नियम शर्त ज्यादा है। नियमों में सबसे पहली शर्त ही मैरिज सर्टिफिकेट है। शादी के बाद लड़कियां मायके से ससुराल तो आ गई थी, लेकिन पति के परिवार में जुड़ नहीं पा रही थी। मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना ही बड़ी प्रक्रिया है। इसके लिए फाइल बनती है। इसके बाद तहसील के चक्कर लगते हैं। सरकारी फीस जमा होती है। इसके बाद और भी बड़ी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। उसके बाद कहीं जाकर फाइल पूरी होती है। तब भी दस से 15 दिन बाद मैरिज सर्टिफिकेट बनता है।
कोट
पहले नई आई दुल्हन का नाम परिवार पहचान पत्र में जोड़ने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य था, लेकिन अब मर्ज नाम से नया विकल्प आया है। जिसके तहत पत्नी का नाम पति के साथ जुड़ जाएगा और मैरिज सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
राजकुमार, सीएससी सेंटर संचालक।
कोट
पीपीपी में लगातार बदलाव आते रहते हैं। इन बदलावों से लोगों को अब परिवार पहचान पत्र में काफी सहूलियत भी मिल रही है।
-शिल्पा, डीएम, सीएससी सेंटर