अब सरकारी स्कूल के बच्चे उधार का खाना नहीं खाएंगे। जी हां, हम मिड-डे-मील की बात कर रहे हैं। अब तक मिड-डे-मील के लिए स्कूल प्रबंधन द्वारा दुकानाें से उधार राशन मंगवाया जाता था लेकिन अब स्थिति सुधरने वाली है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मिड-डे-मील के लिए दो माह के लिए अग्रिम धनराशि जारी कर दी है।
हालांकि जिले में कितना बजट जारी हुआ है इसकी आधिकारिक जानकारी अभी नहीं मिली है लेकिन सभी स्कूल प्रबंधनों के खाते में अप्रैल और मई माह के मिड-डे-मील के लिए राशन की धनराशि डाल दी गई है।
समय पर धनराशि नहीं मिलने के कारण अक्सर मानसिक परेशानियों से जूझने के साथ मिड-डे-मील पकाने वाले वर्करों के लिए भी इस बार समय से पहले धनराशि जारी कर दी गई है। इतना ही नहीं इन वर्करों को बढ़ा हुआ एरियर भी जारी कर दिया गया है।
इससे पहले के तीन माह का भी समय पर धनराशि नहीं आने के कारण स्कूल प्रबंधनों को मिड-डे-मील की व्यवस्था उधार के खाते से करनी पड़ी थी। इसके लिए शिक्षकों ने काफी शोर-शराबा और बवाल किया था।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ.यज्ञदत्त वर्मा का कहना है कि इस बार दो माह का बजट जारी कर दिया गया है। सभी स्कूल प्रबंधनों के खाते में डाल दिया गया है। उन्हें विद्यार्थियों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने के साथ किताबें भी मुहैया करा दी गई हैं।