टोहाना मे मनरेगा मजदूर का फैस स्कैन ट्रायल लेते मंत्रालय के अधिकारी।
फतेहाबाद। मनरेगा मजदूरों के नाम पर घोटाला अब नहीं हो पाएगा। पहले मनरेगा मजदूरों की हाजिरी बायोमीट्रिक मशीन से ली जाती थी, लेकिन अब फेस स्कैन से उनकी हाजिरी लगेगी। इसको लेकर ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को टोहाना क्षेत्र में इसका ट्रायल भी आरंभ कर दिया है। मंत्रालय की टीम ने मनरेगा के तहत कार्य कर रहे मजदूरों के फेस स्कैन को लेकर ट्रायल किया।
टीम एक विशेष ऐप से टेस्टिंग कर रही है। पहले मनरेगा मजदूरों की कागजी हाजिरी लगती थी, जिसमें बड़े स्तर पर घोटाले हो रहे थे। जिसे रोकने के लिए फिर बायोमेट्रिक हाजिरी शुरू की गई थी, लेकिन यहां भी भ्रष्टाचार नहीं रुका, अब इसे रोकने के लिए फेस स्कैन किया जाएगा। यानि जो मजदूर काम पर आएगा, उसका चेहरा स्कैन किया जाएगा, इसके बाद ही उसका मेहनताना जारी होगा। मंत्रालय से तकनीकी डायरेक्टर सेल्वेस्वरन एम, सोल्यूशन आर्किटेक्ट सौरभ मित्रा व अन्य तकनीकी स्टाफ की टीम टोहाना के गांव डांगरा पहुंची। जहां मनरेगा के तहत चल रहे जलघर की सफाई कार्य में जुटे मनरेगा मजूदरों की ऐप पर अपनी टेस्टिंग व ट्रायल किए।
सेल्वेस्वरन ने बताया कि इसके लिए मनरेगा मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम नाम से स्पेशल ऐप बनाई गई है। बोगस हाजिरी रोकने के लिए यह ऐप बनाई गई है। उन्होंने बताया कि भविष्य में यदि मजदूरों के चेहरे में कोई बड़ा बदलाव आता है तो उसको भी बाद में अपडेट किया जाएगा। टीम के साथ बीडीपीओ टोहाना हुकमचंद कौशिक, एबीपीओ अरुण जिंदल, संदीप जांगड़ा, एसईपीओ शमशेर सिंह, टेक्नीशियन दर्शन बेयरफुट मौजूद रहे।