फतेहाबाद। शहर में बुलेट बाइकों से तेज और पटाखों जैसी आवाज निकालकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। बुलेट चालकों के चालान के साथ-साथ यातायात पुलिस ने अब अवैध रूप से साइलेंसर बेचने और फिट करने वाली दुकानों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर के विभिन्न इलाकों में ऐसी करीब 10 दुकानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक बाजार में मॉडिफाइड साइलेंसर आसानी से मिलते रहेंगे, तब तक सड़कों पर शोर पर काबू पाना मुश्किल रहेगा।
इसी कारण दुकानदारों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत मॉडिफाइड साइलेंसर बेचना और बाइकों में लगाना पूरी तरह अवैध है।
पुलिस ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि नोटिस मिलने के बाद भी यदि किसी दुकान पर ऐसे साइलेंसर पाए गए या किसी तरह की शिकायत सामने आई, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। यातायात पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शहर में ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाना और आम लोगों को बेवजह की परेशानी से राहत दिलाना है। आने वाले दिनों में जांच और तेज की जाएगी।
जनवरी माह में 35 बुलेट बाइक पर की कार्रवाई
पुलिस विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी माह में ही करीब 35 बुलेट बाइकों पर कार्रवाई की गई है। इनमें से कई ऐसी बाइकें थीं जिनके साइलेंसर से पटाखों जैसी आवाज निकल रही थी। पुलिस ने कई वाहनों को मौके पर ही इम्पाउंड (जब्त) किया, जबकि अन्य का भारी-भरकम चालान काटकर चेतावनी दी गई। बाइक पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर पटाखे जैसी आवाज निकालने पर पुलिस की ओर से करीब 10 हजार रुपये का चालान किया जाता है।
-
साल 2024 में 91 तो 2025 में किए गए 265 चालान
- पुलिस विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार यातायात पुलिस की ओर से पूरे जिले में साल 2024 में 91 बुलेट बाइक के खिलाफ मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने पर कार्रवाई की गई थी। वहीं साल 2025 में 265 बुलेट बाइक के चालान किए गए। यातायात पुलिस की ओर से करीब तीन गुना ज्यादा कार्रवाई साल 2025 में की गई है।
-
शहर की शांति भंग करने और ध्वनि प्रदूषण फैलाने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। बुलेट बाइक से पटाखे बजाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बुजुर्गों और दिल के मरीजों के लिए भी घातक साबित होता है।
- सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद।