फतेहाबाद। जिले में लगातार बारिश के आसार के बीच अनाज मंडी प्रशासन की अनदेखी किसानों पर भारी पड़ रही है। मंडी में बने ऊंचे और सुरक्षित शेड, जो फसलों को बारिश से बचाने के उद्देश्य से बनाए गए थे, फिलहाल झर्राई मशीनों के पार्किंग स्थल बने हैं। इसका सीधा असर किसानों की उपज पर पड़ रहा है, जो खुले आसमान के नीचे पड़ी भीग रही हैं।
पिछले दस दिनों से मौसम विभाग बारिश के आसार जता रहा है। आसमान में लगातार काले बादल छाए रहने के बावजूद मंडी परिसर से झर्राई मशीनों को हटाने की कोई पहल नहीं हुई। शेड के नीचे का अधिकांश हिस्सा मशीनों ने घेर रखा है, इससे वहां अनाज रखने की जगह नहीं बची है। मजबूरी में किसान मंडी में अपनी फसल खुले में ढेरी लगाकर छोड़ रहे हैं।
किसान रायसिंह, श्रवण, पवन और सत्यनारायण ने मांग की कि शेड खाली कराए जाएं ताकि बारिश के दौरान अनाज खराब होने से बच सके। किसानों का कहना है कि शेड खास तौर पर उनकी फसल को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए हैं, न कि मशीनें खड़ी करने के लिए।
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बार-बार भीग रही फसल
अनाज मंडी में धान की फसल लेकर पहुंचे किसान वीर सिंह ने बताया कि शेड के नीचे मशीनें खड़ी हैं इस कारण खुले में दाना डालना पड़ रहा है। अगर बारिश आती है, तो फसल खराब हो जाएगी। पिछले कई दिनों से मौसम विशेषज्ञ जिले में बारिश के आसार जता रहे हैं। इसके बावजूद भी मार्किट कमेटी ने मशीनों को शेड के नीचे हटाने के निर्देश नहीं दिए हैं। ऐसे में अगर बारिश होती है, तो खुले में पड़ी फसल में नमी आ जाएगी। इससे फसल का उचित दाम नहीं मिलेगा और उनकी आर्थिक नुकसान होगा।
:: अभी किसी भी फसल की कटाई का सीजन नहीं है। ऐसे में अनाजमंडी में फसलों की आवक बहुत कम है। बारिश से मशीनों के बचाव के लिए आढ़तियों ने उनको शेड के नीचे खड़ा किया है। अगर किसी किसान को अनाज रखने की जगह नहीं मिल रही है तो मशीनों को हटा दिया जाएगा।
-यशपाल मेहता, सचिव मार्किट कमेटी, फतेहाबाद।
फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में शैड के नीचे खड़ी अनाज झर्राई की मशीनें। संवाद