फतेहाबाद। एसडीएम कार्यालय में वाहन पंजीकरण को लेकर गड़बड़ी में फंसे क्लर्क ओपी सिहाग को बर्खास्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। डीसी मनदीप कौर ने क्लर्क ओपी सिहाग को पहले ही निलंबित कर दिया था।
इसके लिए संबंधित की तरफ से निलंबित ओपी सिहाग को नोटिस भेजा गया। नोटिस को रिसीव नहीं किया तो उसके खिलाफ समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए उसके घर के बाहर भी नोटिस चस्पा करवा दिया गया है। डीसी की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि 5 फरवरी से पहले जवाब नहीं दिया तो नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि क्लर्क ओपी सिहाग की अगले माह ही सेवानिवृत्ति है। लेकिन इससे पहले बड़ी कार्रवाई की जा रही है। ओपी सिहाग वाहन पंजीकरण फतेहाबाद में लंबे समय से क्लर्क रहे। एक जनवरी 2018 से लेकर 31 दिसंबर 2020 तक वाहन पंजीकरण करते हुई कई गड़बड़ी की। जिसमें दूसरे राज्यों से पुराने वाहन पंजीकरण करने के अलावा कई प्रकार की गड़बड़ी की। उसके खिलाफ एफआईआर 5 अप्रैल 2021 की दर्ज है। उस एफआईआर में फतेहाबाद के तत्कालीन तीन एसडीएम का भी नाम शामिल है।
- आरोपी को किया गया बचाने का प्रयास
ओपी सिहाग के खिलाफ आई शिकायत की जांच तत्कालीन जिला परिषद के सीईओ संजय ने की। संजय ने छह महीने में जांच पूरी नहीं की। ऐसे में जांच करते हुए तत्कालीन सीईओ ने ओपी सिहाग को बचाने का प्रयास किया। इसके बाद कई शिकायत आई। उनकी जांच हुई। सभी में ओमप्रकाश की गड़बड़ी मिली। इस तरह के भ्रष्ट कर्मचारी को विभाग में रखना उचित नहीं है।