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ईवीएम नहीं, छात्राओं को घूर रही रखवालों की नजरें

Tue, 22 Apr 2014 12:31 AM IST
fatehabad
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जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो व्यवस्था रामभरोसे ही है। राजकीय महिला महाविद्यालय में इन दिनों ईवीएम की सुरक्षा में तैनात बीएसएफ के जवान ही छात्राओं की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। छात्राओं का आरोप है कि पुलिस कर्मचारी सारा दिन उन्हें घूरते रहते हैं और गंदे इशारे करते हैं।
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 इस वजह से वे पढ़ाई नहीं कर पा रही और मानसिक रूप से परेशान रहती हैं। वहीं, जब से ईवीएम यहां रखी गई हैं, सुबह कॉलेज परिसर में शराब की बोतलें पड़ी हुई मिलती हैं। इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि छात्राओं की सुरक्षा कितनी खतरे में है।

वहीं, कॉलेज हॉस्टल के साथ लगते स्टेडियम में भी हर समय शरारती तत्वों का जमावड़ा रहता है, जो हर समय छात्राओं पर छींटाकशी करते रहते हैं। इन सब समस्याओं से तंग आकर छात्राओं ने सामाजिक संस्था जिंदगी के पदाधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।
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 जिंदगी के सदस्यों ने एक सप्ताह तक लगातार खेल स्टेडियम और ईवीएम की सुरक्षा में तैनात बीएसएफ के जवानों की कैमरे से रिकार्डिंग की तो आरोप सच साबित हुए। अब संस्था के पदाधिकारी जल्द ही डीसी और एसपी से मिलकर शरारती तत्वों पर अंकुश लगाने की मांग करेंगे। वहीं, इन हरकतों से कॉलेज प्रबंधन की सक्रियता पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।



जिंदगी संस्था के प्रधान हरदीप सिंह ने बताया कि कॉलेज छात्राओं ने संस्था को स्टेडियम और ईवीएम मशीनों की सुरक्षा में तैनात कुछ जवानों की संदिग्ध गतिविधियों से अवगत करवाया था। इसके बाद संस्था की टीम ने पिछले एक सप्ताह में लगातार खेल स्टेडियम और ईवीएम सुरक्षा कर्मियों की गतिविधियों पर कैमरे से नजर रखी तो छात्राओं के आरोप सही निकले।

उन्होंने बताया कि खेल स्टेडियम में हॉस्टल के साथ लगती दीवार के पास प्रतिदिन दर्जनों युवा ताश खेलने, छात्राओं को इशारे करने, हॉस्टल की तरफ पेशाब करने जैसी घिनौनी हरकतें करते पाए गए। जब संस्था पदाधिकारियों ने उनकी हरकतों को कैमरे में कैद किया तो वे भाग गए।

 कॉलेज में छात्राओं के लिए जो प्रवेश द्वार बनाया गया है, उसके रास्ते में जगह-जगह शराब की बोतलें, डिस्पोजल पड़े मिले। कॉलेज के अंदर जाने पर एक जवान वर्दी में तैनात होते हुए एक छात्रा को इशारा करता भी मिला। संस्था का आरोप है कि कैमरे में उन्होंने वर्दी में तैनात जवानों को छात्राओं को घूरते हुए भी कैद किया।

 छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज टाइम के दौरान ईवीएम सुरक्षा के लिए ठहरे जवान अपने अंतर्वस्त्र अक्सर बाहरी खिड़कियों पर टांग देते हैं, जो कॉलेज स्टाफ के साथ-साथ छात्राओं को भी मानसिक रूप से परेशान करते हैं।
 

 संस्था अध्यक्ष हरदीप सिंह ने कहा कि वे शुरू से ही महिला महाविद्यालय में ईवीएम रखने के खिलाफ थे क्योंकि इससे हजारों छात्राओं की पढ़ाई परीक्षा के दिनों में प्रभावित हुई है। अब जिस प्रकार के हालात संस्था को छात्राओं के माध्यम से पता लगे हैं, वे बेहद गंभीर हैं, जिन पर चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को कोई ठोस कदम जरूर उठाने चाहिए।

 उन्होंने कहा कि इस विषय में संस्था जल्द ही जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त को सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर ज्ञापन भी सौंपेगी। मांग की जाएगी कि ईवीएम मशीनों की सुरक्षा में तैनात जवानों पर लगाम कसी जाए।

 इसके अलावा स्टेडियम में हो रही आवारागर्दी पर रोक लगाई जाए। इसके लिए कोच की जिम्मेदारी लगे और कॉलेज की तरफ का गेट बंद करने की मांग भी जिला प्रशासन से की जाएगी।


कुछ छात्राआें ने पुलिस जवानों के चालचलन की शिकायत की थी। छात्राओं ने कमेंट पास करने और खड़े होकर घूरने की बात भी कही थी। छात्राओं से इस संबंध में लिखित में देने को कहा था, लेकिन वे नहीं मानी। डीएसपी सिटी को फोन पर इसकी जानकारी दी गई तो डीएसपी ने सुरक्षा प्रभारी को यहां भेजा था। जिन्होंने आश्वासन दिया था कि आगे से ऐसा नहीं होगा।
- आरके शर्मा, प्राचार्य, राजकीय महिला महाविद्यालय, भोड़ियाखेड़ा

ईवीएम की सुरक्षा के लिए महिला कॉलेज के अंदर बीएसएफ और कॉलेज के बाहर हरियाणा पुलिस की बटालियन तैनात की गई है। पुलिस जवानों द्वारा की जा रही छेड़छाड़  और कमेंट असहनीय है। इसकी जांच करवाएंगे और उसके बाद कोई फैसला किया जाएगा।
- डीके बेहरा, उपायुक्त फतेहाबाद

ऐसी घटना निंदनीय हैं। गर्ल्स कॉलेज से ईवीएम हटाकर सरकारी जगह पर रखी जाए। शिक्षण संस्थान में ईवीएम रखना और सुरक्षाबलों की तैनाती एक गलत फैसला है। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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-  शहनवाज, अध्यक्ष, एसएफआई
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