जाखल की नई सब्जी मंडी के बूथों एवं प्लॉट की नीलामी अवसर पर व्यापारियों ने इसमें सुविधाओं की मांग की। व्यापारियों ने बोली देते समय विभाग द्वारा निर्धारित रेट को इसमें उपलब्ध सुविधाओं के मुकाबले काफी अधिक बताया। यही नहीं बोलीदाताओं ने इसको लेकर न केवल बोली देने से इंकार कर दिया, बल्कि पहले सुविधाएं उपलब्ध करवाने के बाद ही बोली करवाने का आह्वान किया।
वहीं बोली न देने की सूरत में मार्केट कमेटी प्रशासन की ओर से नीलामी को निरस्त कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर सब्जी व्यापारियों ने नीलामी में भाग नहीं लिया। सब्जी की आढ़त और इससे संबधित अन्य दुकानदारों ने नीलामी प्रक्रिया का बायकाट करते हुए नई सब्जी मंडी की जगह को उपयुक्त होने से इंकार किया।
जाखल की नई सब्जी मंडी को चालू करने की प्रक्रिया के अंतर्गत 53 बूथों एवं प्लॉट की खुली नीलामी करवाई गई। मार्केट कमेटी प्रशासक एवं एसडीएम टोहाना सतीश कुमार के नेतृत्व में मार्केटिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता एवं आबजर्वर हेमंत मित्तल, डीएमयू रमेश गोदारा के अलावा विभाग के अन्य अधिकारी पहुंचे। जबकि बोली को लेकर पांच लोगों ने बोली को लेकर अग्रिम राशि जमा कराई।
डीएमयू रमेश गोदारा ने बोली की शर्तों को सुनाया। लेकिन बोली देने से पूर्व बोली दाता सुरेश बंसल ने कहा कि सब्जी मंडी को मेन रोड से जोड़ने के लिए विभाग को 14 मरले जगह दे रखी है, लेकिन इसके बावजूद विभाग सीधा रास्ता नहीं निकाल रहा है। उन्हें एक मोहल्ले की सड़क से जोड़ा जा रहा है। वहीं मेन गेट के साथ वाली दीवारों के टूटे होने, साथ ही कूड़ा कर्कट स्थल बनने व गंदा पानी जमा होने की समस्या भी उनके समक्ष रखी। बोली दाताओं ने कहा कि विभाग बोली से पहले मंडी को इन सुविधाओं से जोड़े तभी वह बोली लगाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिस हिसाब से रेट रखे गए हैं यह किसी चंडीगढ़ के मेन प्लॉट से कम नहीं है जबकि विभाग सुविधाएं गांव जितनी भी नहीं दे रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने कहा कि दीवार बना दी जाएगी और अन्य समस्याओं को भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन बोली दाताओं ने पहले इन सुविधाओं को पूरा करने की मांग की। वहीं नीलामी को सिरे चढ़ते न देख एसडीएम सतीश कुमार ने नीलामी को निरस्त करने की घोषणा कर दी। जबकि सब्जी व्यापारी मदन लाल बत्तरा, बलदेव राज, रवि कुमार इत्यादि ने कहा कि जिस जगह पर सब्जी मंडी बनी है, वहां आने जाने के लिए उपयुक्त रास्ता नहीं है।
आस-पास गंदगी, गंदे पानी का नाला और सुविधाएं जीरो हैं। ऐसे में उनका कोई भी सब्जी व्यापारी नई सब्जी मंडी में जाने को राजी नहीं है। व्यापारियों के अनुसार पहले सब्जी मंडी में सुविधाएं होनी चाहिए इसके बाद ही इसे चालू करने की प्रक्रिया होनी चाहिए। बोलीदाताओं में सुरेश बंसल, रविकांत गर्ग, सुरेंद्र गुप्ता, पंकज कुमार, प्रमोद कुमार सहित मार्केट कमेटी सचिव रामजीलाल, जेई भीमसेन, मंडी सुपरवाइजर रमेश कुमार, जयबीर, आत्माराम इत्यादि विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।