समैन (फतेहाबाद)। टोहाना खंड के गांव हांसेवाला के नायब सूबेदार मनजीत का शव तीन दिन बाद भाखड़ा नहर के काजल हेड से बरामद हुआ। रविवार को सैन्य सम्मान के साथ नायब सूबेदार मनजीत का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई संदीप ने उनके चिता को मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने मनजीत को गार्ड ऑफ ऑनर के तहत सलामी दी।
गांव हांसेवाला के मनजीत नौ साल पहले खेल कोटे के तहत सेना में भर्ती हुए थे। इस समय वे जम्मू-कश्मीर के सतवारी में तैनात थे। मनजीत 30 मई को 10 दिनों की छुट्टी लेकर सुबह छह बजे घर पहुंचे थे। दोपहर को करीब एक बजे वे अपने दोस्त सुमित व मदन के साथ गांव कुंदनपुरा के पास नहर पर नहाने के लिए गए थे। नहाते समय सुमित पानी में डूबने लगा तो मनजीत ने उसको बचाने के लिए प्रयास किया। इस दौरान मनजीत सुमित को पानी के तेज बहाव से बचाकर नहर के किनारे पर ले आए। इस दौरान मनजीत का पांव फिसल गया और तेज बहाव के कारण वे पानी में बह गए।
पिछले तीन दिन से ग्रामीण शव की तलाश में जुटे थे। शनिवार रात्रि मनजीत का शव तीन दिन बाद भाखड़ा नहर के काजल हेड से बरामद हुआ। शव जाल में अटका हुआ था। शव हिसार के नागरिक अस्पताल ले जाया गया। यहां पर पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को सेना की गाड़ी में रखकर गांव हांसेवाला तक लाया गया। इनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। मनजीत के अंतिम संस्कार में टोहाना के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निशान सिंह, खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी हुक्म चंद समेत आस-पास के गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
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