पुष्कर मेले के दौरान मुर्राह नस्ल के झोटे को देखती युवती। स्रोत : सोशल मीडिया
फतेहाबाद। राजस्थान के पुष्कर मेले में चल रहे पशु मेले में गांव नाढोडी के किसान विकास भांभू का मुर्राह नस्ल का झोटा विजेता बना है। किसान का दावा है कि 21 करोड़ रुपये कीमत लग चुकी है लेकिन वह नहीं बेचेगा और सीमन बैंक में रखेंगे।
जिले के नाढ़ोडी गांव के किसान विकास भांभू अपने मुर्राह नस्ल के झोटे कुबेर को लेकर राजस्थान के अजमेर जिले स्थित पुष्कर मेले में शनिवार को गए। दावा है कि वहां आंध्र प्रदेश के पशु व्यापारियों ने उसकी कीमत 21 करोड़ रुपए लगाई है।
विकास ने कहा कि वह नहीं बेचेगा बल्कि अब इसका सीमन बेचेगा। विकास 10 एकड़ में खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं और साथ में पशुपालन भी करते हैं। पुष्कर मेले में हुई पशुओं की प्रतियोगिता में झोटे कुबेर ने पहला स्थान प्राप्त किया। अब राजस्थान सरकार के पशुपालन विभाग की ओर से बुधवार को झोटे कुबेर और उसके मालिक विकास भांभू को सम्मानित किया गया।
विकास का कहना है कि मेले में विदेशी पर्यटक कुबेर के साथ सेल्फी लेने से पीछे नहीं हटे। वह कुबेर झोटे को बेचने के बजाय सीमन बैंक में रखेंगे, ताकि उससे उच्च गुणवत्ता वाला सीमन तैयार कर पशुपालकों को वाजिब दामों पर उपलब्ध कराया जा सके।
इससे उन्हें हर महीने लाखों रुपए की आय भी होगी और आसपास के इलाकों में मुर्राह नस्ल के सुधार में मदद मिलेगी। कुबेर की 21 करोड़ रुपए की कीमत लगने के बाद हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से सीमन की बुकिंग के लिए उनके पास लगातार कॉल आ रही हैं। वह हिसार में बने भैंस अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों से भी संपर्क करेंगे ताकि मदद मिल सके।