फतेहाबाद। हंस कॉलोनी में पिछले एक साल से जलनिकासी की समस्या से जूझ रहे कॉलोनीवासी मंगलवार को जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह के साथ नगर परिषद के प्रधान व उपप्रधान के कार्यालय में पहुंच गए और कार्यालय का घेराव कर दिया। लोगों के गुस्से को देखते हुए प्रधान व उपप्रधान ने हंस कॉलोनी का दौरा किया और अधिकारियों को तुरंत नालियों की सफाई करवाने के आदेश दिए और यहां पर नालियों की सफाई कर पानी निकालने का काम आरंभ कर दिया गया। इससे पहले जल निकासी को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए थे और मौके पर पुलिस ने पहुंचकर उनको अलग समझाया।
जानकारी के अनुसार, हंस कॉलोनी पहले ग्राम पंचायत मताना के अंतर्गत आती थी। करीब एक साल पहले हंस कॉलोनी को ग्राम पंचायत मताना से अलग करके नगर परिषद में शामिल कर दिया गया था। हंस कॉलोनी के एक हिस्से में जलनिकासी की समस्या दो सालों से बनी हुई थी। यहां पर नालियों की सफाई न होने के कारण पानी लोगों के घरों के आसपास एकत्रित हो रहा था। मंगलवार को जब कुछ लोगों ने पानी निकालने का प्रयास किया तो दूसरे पक्ष के लोग उनसे झगड़ने लगे। इस पर डायल 112 को सूचित किया गया। सूचना पाकर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझाया कि यह मसला नगर परिषद का है, इसलिए नगर परिषद के अधिकारियों से बात करें। इसके बाद बाद में कॉलोनी के बड़ी संख्या में महिला पुरुष अपने बच्चों संग नगरपरिषद कार्यालय पहुंच गए। सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह के साथ कॉलोनी वासियों ने पहले नगर परिषद कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में नप प्रधान व उपप्रधान कार्यालय के अंदर डेरा डाल लिया।सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह व कॉलोनीवासी बजरंग, महेंद्र सैनी, रवि कुमार, अमरजीत, बलराम यादव ने बताया कि दो साल से वह नारकीय जीवन जी रहे हैं। जलनिकासी न होने के कारण पानी उनके घरों की नींवों में जा रहा था और अब तो घर ढहने की नौबत आ गई थी।
करीब दो घंटे बाद नप चेयरमैन राजेन्द्र खिंची अन्य अधिकारियों को लेकर कार्यालय पहुंचे। विरोध बढ़ता देख अधिकारी मौके का मुआयना करने हरदीप सिंह व अन्य कॉलोनी वासियों के साथ हंस कॉलोनी पहुंचे। जब लोगों ने चेताया कि अगर देर शाम तक समस्या हल ना हुई तो रात्रि पड़ाव भी नप कार्यालय में होगा। इस पर नप प्रधान राजेन्द्र खिंची, उपप्रधान सविता टुटेजा व नगर परिषद के ईओ ऋषिकेश चौधरी के दिशा-निर्देश पर दोपहर बाद हंस कॉलोनी की पानी निकासी का काम शुरू करवाया गया।