फतेहाबाद। शहर के पपीहा पार्क, हुडा सेक्टर तीन के पार्कों और ग्रीन बेल्ट की देखरेख और सुंदरीकरण को लेकर नगर परिषद आरडब्ल्यूए या फिर एनजीओ को गोद देने जा रही है। पार्क गोद लेने वाले आरडब्ल्यूए या फिर एनजीओ को देखभाल करनी होगी। पार्क की साफ-सफाई और मरम्मत संबंधित कार्य को करवाने होंगे। नगर परिषद पार्क संभालने वाली संस्था को भुगतान भी करेगी। नगर परिषद हुडा सेक्टर तीन के पार्कों को पहली बार गोद देने जा रही है। यहां पर अलग-अलग 9 पार्क है और ग्रीन बेल्ट हैं जिन्हें गोद दिया जाएगा।
इन पार्कों को पहले हुडा संभाल रहा था लेकिन अब नगर परिषद के हवाले किया गया है। नगर परिषद के पास संसाधनों की कमी के चलते इन्हें गोद देने की तैयारी है। नगर परिषद ने 11 जून तक आवेदन मांगे हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद नगर परिषद चयनित एनजीओ या फिर आरडब्ल्यूए को गोद देने की प्रक्रिया शुरू करेगी। बता दें कि नगर परिषद ने करीब डेढ़ साल पहले पपीहा पार्क को शिवपुरी सुधार सभा को गोद दिया था। शिवपुरी सभा पार्क अच्छे से संभाल भी रही थी लेकिन विवाद के चलते संस्था ने छोड़ दिया। इसके बाद पार्क को नगर परिषद खुद ही संभाल रही है। लेकिन पार्क की अच्छे से संभाल न होने के चलते अब दोबारा से इन्हें एनजीओ और आरडब्ल्यूए को गोद दिया जाएगा। पपीहा को शहर का सबसे बड़ा पार्क माना जाता है। यहां एक से डेढ़ हजार लोग सुबह और शाम को घूमने के लिए आते हैं। संवाद
चार रुपये प्रति गज के हिसाब होगा भुगतान
नगर परिषद पार्क गोद लेने वाली संस्था को चार रुपये प्रति गज के हिसाब से भुगतान करेगा। पहले तीन रुपये प्रति गज के हिसाब से भुगतान किया जाता था। लेकिन पिछले साल ही इसमें बढ़ोतरी की है। नगर निकाय इसमें हर साल पांच फीसदी की बढ़ोतरी भी करेगा।
नगर परिषद ने पहले भी गोद दे रखे हैं पार्क
नगर परिषद ने शहर के सार्वजनिक पार्कों को देखरेख के लिए गोद दे रखा है। जिसमें जिसमें रानी लक्ष्मीबाई पार्क, स्वर्ण जयंती हेरिटेज पार्क, टैक्सी स्टैंड के पास पार्क, अरोड़ा वैष्णो भोजनालय के सामने पार्क, दीनदयाल उपाध्याय पार्क शामिल है।
कोट
नगर परिषद द्वारा हुडा सेक्टर तीन स्थित पार्को, ग्रीन बेल्ट की देखरेख को लेकर नीति तैयार की गई है। इसके तहत कोई भी आरडब्ल्यूए या एनजीओ पपीहा पार्क के सुंदरीकरण एवं देखरेख का कार्य कर सकती है।
- राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद