जिला परिषद की आठ माह बाद बुधवार को हुई बैठक में जमकर हंगामा हुआ। तीन पार्षदों ने नारेबाजी कर बैठक का बहिष्कार किया। पार्षदों ने चेयरमैन पर ग्रांट बंटवारे में भेदभाव का आरोप लगाया तो वहीं चेयरमैन ने पार्षद पर ही आरोप जड़ दिए।
बुधवार को जिला परिषद की बैठक चेयरमैन राजेश कसवां की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 18 में 15 पार्षदों ने हिस्सा लिया। बैठक शुरू होते ही पार्षद युक्ति चौधरी, विजेंद्र सिवाच और रामचंद्र ने चेयरमैन से सात करोड़ रुपये की ग्रांट दो वार्डों में ही लगाने पर जवाब मांगा। पार्षद युक्ति चौधरी ने कहा कि मार्च से लेकर अब तक सात करोड़ रुपये सिर्फ एक ही वार्ड में लगे है। चेयरमैन इसका लिखित जवाब दें अथवा जांच कराई जाए। पार्षद विजेंद्र सिवाच बोले बैठक बुलाने से पहले एजेंडा दिया जाता है। बैठक में गोलमाल की आशंका है। बिना मीटिंग के ग्रांट वितरण कैसे किया गया। सीईओ इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाएं। जवाब में चेयरमैन राजेश कसवां ने कहा कि मेरे पास एस्टीमेट आए तो रुपये डाल दिए गए। जब पहले गीता नांगली चेयरमैन थी तो पार्षद रामचंद्र के पास मोहर होती थी हमारे एस्टीमेट रतिया में बनते थे, ग्रांट के लिए रतिया बुलाया जाता था। मेरे पास पॉवर है जो एस्टीमेट आए मैने ग्रांट डाल दी। पार्षद रामचंद्र ने कहा कि मेरे ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं मेरे पास कोई मोहर नहीं थी। मैं बीजेपी के चेयरमैन के पहले भी खिलाफ था हटाया भी गया था।
चेयरमैन राजेश कसवां और पार्षद युक्ति के बीच तू-तड़ाक
राजेश कसवां : मैडम साढ़े चार साल में जब भी आए हो शोर मचाकर गए हो, मुद्दे पर कोई बात नहीं की। मैडम आपने एस्टीमेट ही नहीं दिए।
युक्ति चौधरी : मैंने एस्टीमेट दिए हैं।
राजेश कसवां : आपने एस्टीमेट नहीं दिए, मैं कार्यालय में रहता हूं।
युक्ति चौधरी : आप कार्यालय में रहते हैं तो एस्टीमेट का भी पता होना चाहिए। अगली बार आपको कॉपी दे दूंगी।
राजेश कसवां : आप एस्टीमेट दिखा देना।
युक्ति चौधरी : मैं शोर इसलिए मचा रही हूं क्योंकि यहां पर गंदगी फैला रखी है।
राजेश कसवां : मैडम आप हिंदी में बात कीजिए।
युक्ति चौधरी : कोई पंजाबी में बात करता है मैं रोकती हूं, आप कौन होते हैं मुझे रोकने वाले।
राजेश कसवां : मैं चैयरमैन हूं, सभी पार्षदों ने चुना है मुझे।
युक्ति चौधरी : सरकार नियमावली पढ़ लिजिए उसमें हिंदी और इंग्लिश मान्य है, जब तक मान्य है तब तक बोलती रहूंगी।
राजेश कसवां : ठीक है आप इंग्लिश में बोलिए।
युक्ति चौधरी : जब हमने मुद्दे उठाए हैं तो मीटिंग होने लगी हैं इसलिए भगोड़ी मैडम ने आना बंद किया है। गंदगी साफ करने के लिए बोलने की जरूरत है तो बोलूंगी।
किसानों के समर्थन में पार्षद मनदीप ने मीटिंग का किया बहिष्कार
मीटिंग में पार्षद मनदीप कौर ने कहा कि सात करोड़ की ग्रांट आई थी तो उनके साथ क्यों भेदभाव किया गया। एस्टीमेट देने के बावजूद ग्रांट नहीं दी गई। पार्षद मनदीप ने किसानों के समर्थन में मीटिंग का बहिष्कार कर दिया।
भूना में देवीलाल सदन को सात कनाल भूमि ट्रांसफर करने की दी मंजूरी
जिला परिषद सदस्य रामदास ने भूना में जिला परिषद की लगभग सात कनाल भूमि को देवीलाल सदन के निर्माण के लिए स्थानांतरित करने का प्रस्ताव को रखा। जिसे सदन ने पास कर कार्यवाही के लिए भेजा।
कल्याण विभाग के अधिकारियों पर आरोप
बैठक में पार्षदों ने आरोप लगाया कि जिला कल्याण विभाग और जिला समाज कल्याण विभाग में बिना बिचौलिये के काम नहीं होता है। बिचौलिये के जरिए दी गई फाइल पास हो जाती है और आम आदमी द्वारा दी गई फाइल को रद्द कर दिया जाता है।
खेल विभाग के सामान में घोटाले के आरोप
पार्षद सुरजीत ने आरोप लगाया कि स्टेडियम में एक अनुसूचित जाति का बच्चा खेलने के लिए गया था वहां पर कोच ने उसे यह कहकर भेज दिया मजदूर का बेटा है। पार्षद सुशीला ने कहा कि भोड़िया खेड़ा स्टेडियम में फुटबॉल कोच नहीं है और सामान नहीं है। खेल विभाग के अधिकारी ने कहा कि सामान है लेकिन कोच नहीं है। चेयरमैन कसवां ने कहा कि खेल विभाग के सामान में भी घोटाला है। पार्षद अजय मैहता ने मांग रखी कि बची हुई ग्रांट से पार्षद को खेल का सामान खरीदने की पॉवर होनी चाहिए। जिसे मीटिंग में पास कर दिया।
मीटिंग में चेयरमैन कसवां को दिए अधिकार
बैठक में ऑन सोर्स के पैसे का 75 प्रतिशत खर्च करने की पावर जिला परिषद के अध्यक्ष को देने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पास किया। इसके अलावा सदन के सदस्यों ने जिप के अधीन चल रहे विकास कार्यों में जिला परिषद स्कीम का चिह्नित कर बोर्ड लगाने का भी प्रस्ताव पास किया और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जहां-जहां जिप के तहत विकास कार्य किए गए है, उसका उल्लेख बोर्ड लगवाया जाए। पार्षद सुरजीत सिंह ने जिला परिषद कार्यालय में काम कर रहे पार्ट टाइम कर्मचारियों के बकाया वेतन देने का प्रस्ताव भी रखा, जिसे पास किया गया। पिछले दिनों दो दिवसीय सत्र के दौरान पार्षद सुरजीत सिंह द्वारा रखे गए प्रस्तावों के भी अनुमोदन किए। सुरजीत सिंह ने सदन में प्रस्ताव रखा कि 6 मार्च 2020 को सामान्य बैठक में रखे गए एजेंडों को अनुमोदन किया जाए, जिस पर सदन ने ध्वनीमत बहुमत से पास कर दिया। जिला परिषद के शेष बचे कार्यकाल के लिए जिला परिषद को सुचारु चलाने के लिए सभी प्रकार की शक्तियां बगैर बैठक प्रयोग में लाए बिना प्रधान जिला परिषद को देने का प्रस्ताव पास किया।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में पार्षद सतपाल शर्मा, बीबो इंदौरा, रामचंद्र, युक्ति गोदारा, सुशीला सिहाग, बिजेन्द्र सिवाच, अवतार सिंह, बलजीत कौर, सुनीता कसवां, रामदास, अजय मेहता, सुरजीत सिंह, जिप सीईओ जयदीप सिंह, डीडीपीओ बलजीत सिंह चहल समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।