संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जिले में बाढ़ व जल निकासी के लिए घग्गर नदी और रंगोई नाला ही सहारा है। ऐसे में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन के इंतजाम अधूरे हैं। मानसून के दौरान किसानों व स्थानीय लोगों को नुकसान हो सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जिले में 25 जून से मानसून आने की संभावना है। सिंचाई विभाग की ओर से रंगोई नाले व घग्गर नदी की सफाई का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। रंगोई नाले के तटबंधों को भी मजबूत नहीं किया गया है। इस कारण रंगोई नाले के साथ लगते गांव, टाहली वाली ढाणी, ढाणी ठोबा, ढाणी बीकानेरी, अहरवां, शक्करपुरा और चिम्मो आदि के लोगों की चिंता बढ़ गई हैं। रंगोई नाला घासवां से निकलकर सिरसा में प्रवेश करता है। इसकी क्षमता 750 क्यूसेक है। वहीं घग्गर नदी की क्षमता 1000 क्यूसेक है। इनकी सफाई तटबंधों को मजबूत किया जाता है, तो बाढ़ की आशंका को दूर किया जा सकता है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग की नाले की नहीं हुई सफाई
फतेहाबाद से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 9 के सर्विस रोड पर बारिश के पानी की निकासी के लिए बना नाला जर्जर होकर कई स्थानों से टूट गया है। इसकी सफाई नहीं होने मानसून के दौरान राजमार्ग से पानी की निकासी में परेशानी हो सकती है। राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रशासन के पास बाढ़ प्रबंधों की सामग्री
- 13 डीजल चालित पंप सेट हैं।
- बिजली चालित 83 पंपसेट हैं।
- 39 वर्टिकल टरबाइन हैं।
- 26 किलोमीटर की पाइपलाइन उपलब्ध हैं।
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साल 2023 में आई बाढ़ के कारण मेरी 7 एकड़ की धान की फसल प्रभावित हुई थी। जिसका मुआवजा मुझे दो वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं मिल सका है। हालांकि कई किसानों को मुआवजा मिला था। इसको लेकर कई बार जिला मुख्यालय पर पहुंचकर प्रशासन से मांग की गई है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
-कृष्ण, किसान ढाणी ठोबा
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साल 2023 में आई बाढ़ के मुआवजे का सही वितरण नहीं हो पाया है। दो एकड़ के और 10 एकड़ के किसान के मुआवजे की राशि बराबर आई है। सरकार को किसानों के मुआवजे का सही वितरण करना चाहिए था। वहीं इस बार भी रंगोई नाले के कमजोर तटों को मजबूत नहीं किया गया है। ज्यादा बारिश हुई तो किसानों को नुकसान हो सकता है।
-बलवान, किसान, गांव ढाणी ठोबा।
साल 2023 में आई बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा मुझे मिला है लेकिन मेरे भाई को नहीं मिल सका। बाढ़ आने से हुए नुकसान की गिरदावरी ठीक तरह से नहीं हो पाई। इससे कई ऐसे किसान वंचित रह गए हैं, जिनका बाढ़ से लाखों का नुकसान हुआ था।
-जयवीर, किसान, गांव ढाणी ठोबा।
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गांव खान मोहम्मद में आई बाढ़ से मेरे स्कूल के चारों ओर करीब 12 फीट पानी दो माह तक जमा रहा था। इससे स्कूल के चारों ओर मिट्टी की भर्ती करवाने में लाखों रुपये खर्च करने पड़े। दो माह तक स्कूल की कक्षाएं दूसरे स्थानों पर लगानी पड़ी थी। स्कूल की दीवार गिरने का नुकसान हुआ था। जिसकी अभी तक भरपाई नहीं हो सकी है।
-टीडी मेहता, स्कूल प्रबंधक।
:: रंगोई नाले की सफाई का काम लगभग 80 फीसदी पूरा हो चुका है। इसकी क्षमता करीब 750 क्यूसेक है। मानसून के दौरान जलनिकासी को लेकर कोई परेशानी नहीं दी जाएगी। सिंचाई विभाग अपने इंतजाम करने में जुटा हुआ है।
-नरेश कुमार भोला, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।