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संगठन पर हावी रहे विधायक, राजेंद्र खिंची को मिली भाजपा की टिकट

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टिकट की घोषणा के बाद भाजपा कार्यालय में विधायक दुड़ाराम, सांसद डीपी वत्स व जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रो? - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। फतेहाबाद से नगर परिषद चेयरमैन पद के लिए टिकट वितरण में एक बार फिर विधायक दुड़ाराम संगठन पर हावी रहे। पार्टी हाईकमान ने संगठन के पुराने कैडर को दरकिनार करते हुए छह दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए राजेंद्र खिंची को टिकट थमाकर मैदान में उतार दिया है। टिकट की घोषणा होते ही एकबारगी भाजपा के व्हाट्सएप ग्रुप में शोर मचाने वालों में सन्नाटा छा गया। हालांकि, बगावत के आसार अभी भी बने हुए हैं। विधानसभा चुनाव में विधायक दुड़ाराम के खिलाफ मोर्चा खोलने वाला भाजपा का एक धड़ा चेयरमैन चुनाव में भी बगावत करने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि लगातार भाजपा के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता संगठन से जुड़े किसी पुराने कार्यकर्ता को ही चेयरमैन पद की टिकट देने की मांग कर रहे थे। चुनाव प्रभारी के समक्ष भी विरोध जताया गया था। संवाद
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पहले कह रहे थे पैसे के दम पर टिकट लाने वालों की रड़क निकालेंगे
भाजपा के ही कुछ प्रमुख कार्यकर्ता पहले संगठन के ग्रुपों में ही ऐलान कर रहे थे कि पैसे के दम पर टिकट लाने वालों की रड़क निकालेंगे। अंदरखाते भाजपा कार्यकर्ताओं के आरोप हैं कि टिकट वितरण में पैसों का लेनदेन हुआ है। हालांकि, खास बात यह है कि टिकट वितरण में राजेंद्र खिंची की सबसे अधिक पैरवी विधायक दुड़ाराम ने ही की है। वही उन्हें 28 मई को हिसार लेकर गए और मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलवाया। उसी दिन उन्हें भाजपा में शामिल करवाया। टिकट मिलते ही राजेंद्र खिंची सबसे पहले विधायक दुड़ाराम के पास पहुंचे। विधायक उन्हें अपने साथ लेकर भाजपा जिला कार्यालय पहुंचे। जहां चुनाव प्रभारी राज्यसभा सांसद डॉ. डीपी वत्स व जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा पहले से मौजूद थे। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई।
आसान नहीं खिंची की राह, संगठन को रखना होगा साथ
हालांकि, राजेंद्र खिंची की चुनाव जीतने की राह आसान नहीं है। भाजपा संगठन को साथ रखना उनके लिए चुनौतीपूर्ण काम रहेगा। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि अब तक नगर परिषद चुनाव को लेकर सबसे अधिक मेहनत भाजपा संगठन ने ही की है। चार महीने से नगर विस्तारकों को गली-गली में बैठकें करने में जुटाया हुआ है। शक्ति केंद्र पालकों से बूथ व पन्ना प्रमुखों तक की ड्यूटियां लगाई गई हैं। ऐसे में अगर संगठन ने पूरा साथ नहीं दिया तो राजेंद्र खिंची की जीत मुश्किल हो जाएगी क्योंकि उनके समक्ष चुनाव लड़ रहे दो निर्दलीय प्रत्याशी वीरेंद्र एडवोकेट और हरदीप सिंह लगातार अपना ग्राफ बढ़ा रहे हैं।
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कांग्रेस सिंबल पर लड़ने से मना कर चुकी, इनेलो को नहीं मिल रहा कोई दावेदार
भाजपा और जजपा गठबंधन से ही निकाय चुनाव लड़ेंगी, इसलिए तय हो गया है कि फतेहाबाद और रतिया भाजपा जबकि टोहाना जजपा के खाते में हैं। कांग्रेस सिंबल पर चुनाव लड़ने से मना कर चुकी है। ऐसे में सबसे प्रमुख विपक्षी दल इनेलो व आम आदमी पार्टी बचते हैं। इनेलो तो अभी तक अपना दावेदार ही फाइनल नहीं कर पाई है। आम आदमी पार्टी ने भी तीन दिन पहले पार्टी में शामिल हुए सुभाष धानिया को उम्मीदवार बनाया है।
फोटो 8सी
रतिया में अंजू जग्गा बीजेपी की उम्मीदवार
भाजपा ने नगरपालिका रतिया के लिए भी उम्मीदवार का नाम फाइनल कर दिया है। रतिया में महिला के लिए चेयरपर्सन पद आरक्षित है। इसलिए पूर्व जिला महामंत्री विनोद जग्गा की भाभी अंजू जग्गा को उम्मीदवार घोषित किया गया है।
फोटो 8ई
रतिया में अमरजीत कौर और भूना में साधुराम बिश्नोई आप के उम्मीदवार
आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को ही फतेहाबाद, रतिया और भूना के उम्मीदवारों की घोषणा की हैं। इनमें फतेहाबाद से सुभाष धानियां के अलावा रतिया नगरपालिका की चेयरपर्सन पद के लिए अमरजीत कौर और भूना में नगरपालिका चेयरमैन पद के लिए साधुराम बिश्नोई को उम्मीदवार बनाया गया है।
कोट
पार्टी में टिकट मांगने का सबका अधिकार है। सभी समीकरण देखने के बाद पार्टी हाईकमान ने राजेंद्र खिंची को उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया है। सभी साथी एकजुट हैं, कहीं नाराजगी नहीं है। भाजपा भारी मतों से जीत हासिल करेगी।
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दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद
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