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फतेहाबाद: रतिया में राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने सीडीपीओ कार्यालय का किया निरीक्षण, छह सुपरवाइजर को निलंबित करने के आदेश

Fri, 13 May 2022 08:19 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रतिया, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

राज्यमंत्री कमलेश ढांडा को निरीक्षण के दौरान राशन और फोर्टिफाइड दूध वितरण में लापरवाही मिली। जिला बाल परियोजना अधिकारी पर भी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए।
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रतिया में राज्यमंत्री ने मारा छापा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतिया में महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण करते हुए फोर्टिफाइड दूध वितरण में लापरवाही एवं ड्यूटी पर गैर हाजिर मिले स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई करने के महकमे के अधिकारियों को आदेश दिए हैं।

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मंत्री ने विभाग के छह सुपरवाइजर को निलंबित करने के आदेश दिए। इससे विभाग में खलबली मच गई। इतना ही नहीं पूरे घटनाक्रम में राज्यमंत्री ने जिला परियोजना अधिकारी को मौके पर ही तलब किया और लापरवाही के लिए लताड़ लगाई। उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश उच्चाधिकारियों को दे दिए।

दरअसल, शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा नगरपालिका चुनाव की तैयारियों को लेकर रतिया पहुंची थीं। कार्यकर्ता सम्मेलन के समापन के बाद राज्यमंत्री कमलेश ढांडा कार्यकर्ताओं के यहां निर्धारित चाय के कार्यक्रमों में जा रही थीं। इस बीच वह अचानक सीडीपीओ कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंच गईं।
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सीडीपीओ कार्यालय में राज्यमंत्री ने हाजिरी रजिस्टर जांचा तो एक डाटा एंट्री ऑपरेटर और अप्रेंटिस ही मौजूद मिला, जबकि थोड़ी देर में एक सुपरवाइजर पहुंचीं। मंत्री कमलेश ढांडा ने वहां पर बड़ी मात्रा में रखे फोर्टिफाइड दूध के वितरण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई।

दूध के वितरण नहीं किए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन सुपरवाइजर उचित जवाब नहीं दे पाईं। इस पर राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने जिला परियोजना अधिकारी सीमा रोहिल्ला को तलब किया तथा पूरी स्थिति पर फटकार लगाई। उन्होंने विभाग के छह सुपरवाइजरों को निलंबित करने के आदेश दिए।

मंत्री बोलीं- दूध का समय पर वितरण नहीं होना पाप के समान
मंत्री ने कहा कि फोर्टिफाइड दूध का समय पर वितरण नहीं होना पाप के समान है। यह दूध गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और बच्चों के पोषण स्तर को बढ़ाने के महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा है। इसमें लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मंत्री ने जिला परियोजना अधिकारी द्वारा भी निगरानी में लापरवाही बरतने को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश दे दिए। 

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