फतेहाबाद। अप्रैल महीने का आखिरी सप्ताह शुरू होने के साथ ही गर्मी ने प्रचंड रूप ले लिया है। रविवार को जिले में कभी तेज धूप तो कभी बादल छाए रहे। जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इस कारण दिन में भीषण गर्मी से लोग बेहाल रहे। दोपहर के समय बाजार सुनसान नजर आने लगे हैं।
उधर, किसान अपनी गेहूं की फसल की कटाई और निकलवाई में व्यस्त हैं। मगर दोपहर के समय गर्मी बढ़ने के कारण खेतों में भी कुछ देर के लिए काम रोकना पड़ रहा है। दोपहर में खेतों में पेड़ की छांव का सहारा लेकर किसान सुस्ताते नजर आते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बाजारों में शीतल पेय पदार्थों की मांग बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के चलते लोग कोल्ड ड्रिंक से ज्यादा गन्ने के जूस, नींबू पानी, गूंद-कतीरा व मौसमी फलों के जूस को अधिक महत्व दे रहे हैं। शीतल पेय का सेवन करके गर्मी से राहत पाने की कोशिश हो रही है। जूस विक्रेता रामकुमार, दीपक कुमार, कांतिलाल बताते हैं कि इस समय गन्ने के जूस, कुल्फी और मौसमी फलों के जूस की बिक्री बढ़ गई है। इसके अलावा धूप से बचने के लिए गमछों की बिक्री भी बढ़ी है। गन्ने का जूस 20 रुपये से शुरू हो रहा है जबकि नारियल पानी 70 रुपये तक में मिल रहा है।
स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी
गर्मी बढ़ने के साथ ही मौसम का स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। कूलर-एसी चलने से खांसी, जुकाम व बुखार आदि की दिक्कत हो रही है। खासकर, बच्चों को ज्यादा जल्दी बीमारियां घेर रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, बदलते मौसम में सावधानी जरूरी है। बच्चों को एकदम से कूलर के सामने न सुलाएं। ज्यादा ठंडा पानी पीने से परहेज करें।
कोट
कूलर के सामने बच्चों को अभी न सुलाएं। खांसी-जुकाम या बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाकर परामर्श लें। अस्थमा रोगी मास्क लगाकर घर से निकलें क्योंकि गेहूं के सीजन में उड़ती धूल परेशानी बढ़ा सकती है।
-डॉ. मनीष टुटेजा, छाती रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद