जिला प्रशासन ने गृहमंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद फतेहाबाद जिले के बाजारों में रोस्टर सिस्टम खत्म करते हुए सभी दुकानों को रोजाना खोलने के निर्देश दे दिए हैं। मंगलवार को इस व्यवस्था का पहला दिन था। ऐसे में ‘अमर उजाला’ ने इसके चलते फतेहाबाद शहर के मुख्य बाजारों की पड़ताल कर ये जानने का प्रयास किया कि जिला प्रशासन द्वारा लागू किए गए नियमों का पालन हो पा रहा है या नहीं है। शहर के बाजारों में प्रशासन के निर्देशानुसार थर्मल स्कैनर्स से जांच तो नजर नहीं आई, लेकिन मास्क और सैनिटाइजर्स के प्रति दुकानदार सतर्क नजर आए।
जवाहर चौक बाजार
हालात : ये शहर का सबसे पुराना बाजार है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किए गए किसी नियम-कायदे का यहां पालन होता नहीं दिखा। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दुकानों के आगे किसी प्रकार की कोई रेहड़ी या वाहन तक खड़ा नहीं किया जाएगा। मंगलवार सुबह से लेकर शाम तक वाहन चालक धड़ल्ले से अपने वाहन न केवल इस बाजार में लेकर घूमते नजर आए, बल्कि दुकानों के बाहर काफी-काफी देर तक पार्क भी कर दिए। मंगलवार को नगर परिषद की कोई टीम निरीक्षण करने के लिए बाजारों में ही नहीं गई जिसके चलते दुकानदारों पर किसी प्रकार का कोई खौफ ही नहीं दिखा। हां, सैनिटाइजर लगभग हर दुकान पर उपलब्ध दिखा। थर्मल स्कैनिंग का इंतजाम कहीं नहीं दिखा।
फिलहाल पार्किंग तय नहीं, चिल्ली के पास बनाई जा सकती है अस्थाई पार्किंग
जवाहर चौक में आने वाले ग्राहकों के लिए फिलहाल नगर निकाय विभाग ने कोई पार्किंग स्थल निर्धारित नहीं किया है। लेकिन नप सूत्रों की मानें तो कोविड-19 के चलते बाजारों में वाहनों का दबाव कम करने के लिए जवाहर चौक के साथ लगती चिल्ली वाली गली को अस्थाई पार्किंग का स्वरूप दिया जा सकता है। इस गली में इक्का-दुक्का ही निवास हैं और बाकी बड़ी दुकानों के गोदाम हैं। बुधवार को नप अफसर शहर के विभिन्न बाजारों में पार्किंग के लिए जगह का निरीक्षण का सकते हैं।
थाना रोड से लाल बत्ती चौक
हालात : शहर थाना के बिल्कुल बाहर स्थित इस बाजार में मल्टीलेवल पार्किंग है। लेकिन दुकानदारों व ग्राहकों ने उस पार्किंग का इस्तेमाल करने की बजाए सेंट्रल रोड पार्किंग को विकल्प चुना है। इस व्यवस्था में दुकानों के आगे वाहन खड़ा करने की बजाये सड़क के बीचोंबीच वाहन खड़ा कर दिए जाते हैं। इसके चलते वाहन बाजार के बीचोंबीच एक तरह से डिवाइडर का काम करते हैं। इससे यातायात व्यवस्था ठीक बनी रहती है। हालांकि जब पार्किंग बिल्कुल पास है, इसके बावजूद उसका इस्तेमाल ना होना नप व पुलिस प्रशासन पर सवाल जरूर खड़े करता है। इस रोड पर भी दुकानदारों ने दुकानों के आगे सैनिटाइजर्स की व्यवस्था की हुई थी।
टूटी सड़क को पार्किंग में बदला
हालात : धर्मशाला रोड थाना रोड बाजार के साथ लगता शहर का दूसरा सबसे मुख्य बाजार है, लेकिन पिछले छह माह से यहां पर पाइपलाइन डालने के लिए सड़क को खोदा हुआ था, लेकिन इसे दोबारा बनाया नहीं जा सका है। जिला प्रशासन द्वारा पार्किंग के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए, इसके बाद स्थानीय दुकानदारों ने सड़क के बीचोंबीच टूटे हुए हिस्से पर वाहन खड़ा कर दिए हैं। इनमें बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन तक शामिल हैं। हालांकि मल्टीलेवल पार्किंग यहां से भी बहुत ज्यादा दूर नहीं है। लेकिन इसके बावजूद दुकानदारों व ग्राहकों ने वहां की बजाये सड़क के बीचोंबीच टूटे हुए हिस्से को ही पार्किंग में तब्दील करना ज्यादा बेहतर समझा। यहां भी सैनिटाइजर्स को लेकर नियमों का पालन हो रहा है, लेकिन थर्मल स्कैनर इस बाजार में भी कहीं नहीं दिखा।
मुख्य हाइवे
हालात : शहर के बीचोंबीच से निकल रहे नेशनल हाइवे पर प्रशासन द्वारा दी गई राहत का सबसे अधिक असर देखने को मिला है। यहां पर मंगलवार को सुबह से लेकर शाम तक वाहनों की अच्छी खासी भीड़ लगी दिखी। लगभग प्रत्येक दुकान के बाहर वाहन पार्क किए गए थे और सड़क पर चलने वाले वाहनों की भी अच्छी खासी संख्या थी। नेशनल हाइवे पर शैटरिंग, मोबाइल, लोहे की दुकानें और विभिन्न बैंक आदि स्थित हैं। यहां पर अलग से अस्थाई पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो सकती, ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा पहले ही सड़क किनारे पीली पट्टी खींच दी गई है, जिसके बाहर गाड़ी दिखने पर उस गाड़ी का ऑनलाइन चालान काट दिया जाता है। यहां के दुकानदारों में भी सैनिटाइजर्स और मास्क को लेकर जागरूकता नजर आई।
दुकानदार बोले, पार्किंग को लेकर ढिलाई दे प्रशासन
प्रशासन ने दुकानों के आगे वाहन खड़ा करने से मना किया है। अब अगर ग्राहक को पांच मिनट के लिए कोई सामान देना या लेना है तो इसके लिए वो अपना वाहन इतनी दूर पार्किंग में कैसे लगा सकेगा। प्रशासन इस बारे में कोई राहत देने के बारे में सोचे।
- मोहित, मोबाइल दुकान संचालक
छह दिन दुकानें खोलने के लिए प्रशासन का आभार है। लेकिन पार्किंग नियम को लेकर कुछ ढिलाई दी जाए। मेरी दुकान बाजार के बिल्कुल बीच में है। यहां से मल्टीलेवल पार्किंग भी आधा किलोमीटर दूर है और जवाहर चौक भी। ऐसे में मेरी दुकान पर आने वाले ग्राहक को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
- दीपक अग्रवाल, गोरखपुर पूजा-अर्चना सामान के शोरूम संचालक
सीधी बात, दर्शन नागपाल, नप अध्यक्ष फतेहाबाद
प्रश्न : मल्टीलेवल पार्किंग होने के बावजूद लोग सड़कों पर दुकानों के आगे वाहन खड़ा कर रहे हैं।
उत्तर : देखिये, जिला प्रशासन के निर्देश हैं कि दुकानों के आगे वाहन नहीं खड़े होने चाहिए। कई बार किसी ग्राहक को सिर्फ पांच मिनट का काम होता है दुकान पर तो उसके लिए वो सेंट्रल पार्किंग को बेहतर समझता है।
प्रश्न : जवाहर चौक के लिए पार्किंग की क्या व्यवस्था की जाएगी।
उत्तर : जवाहर चौक के लिए अधिकारियों को कहा है कि वो निरीक्षण करें और एक जगह चिह्नित करें ताकि लोगों को तुरंत राहत दी जा सके।
प्रश्न : नियम-कायदे ना टूटें, इसके लिए नगर परिषद की किसी भी टीम ने मंगलवार को बाजारों में कोई निरीक्षण ही नहीं किया, ऐसे कैसे सिस्टम सुधरेगा
उत्तर : नगर परिषद की विभिन्न टीमें लॉकडाउन की शुरूआत से लगातार काम कर रही हैं। प्रशासन की ओर से सोमवार सांय ये आदेश जारी हुए हैं, जल्द ही नप टीम एक बार फिर बाजारों में निरीक्षण करती दिखेंगी।