फतेहाबाद। जिले में एक ओर जहां लंपी पॉक्स के केस कम हो रहे हैं, वहीं इस बीमारी से गायों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। लंपी से गायों की मौत का आंकड़ा अब 100 के पार चला गया है। वीरवार को भी जिले में सात गायों की मौत हुई है, वहीं 33 पशु संक्रमित पाए गए। राहत यह है कि जिले में पशुओं का रिकवरी रेट 77.4 फीसदी पहुंच गया है।
फतेहाबाद में वीरवार को भी लंपी पॉक्स के केस सामने आए। वीरवार को लंपी से 33 पशु संक्रमित मिले हैं। अब तक जिले में 2309 लंपी के केस सामने आ चुके हैं और इनमें 1722 पशु ठीक हो चुके हैं। 485 पशुओं का अभी भी इलाज चल रहा है। जिले में पशुओं के ठीक होने का रिकवरी रेट 77.4 फीसदी तक पहुंच गया है। वीरवार को लंपी की वजह से सात गायों की मौत हो गई। जिले के गांव भूथनकलां, ठुइयां, भूना, बनगांव व चिम्मो में लंपी से एक-एक व टोहाना में दो गायों की मौत हुई है। अब तक जिले में लंपी की वजह से 101 गायों की मौत हो चुकी है।
तीसरे चरण में वैक्सीन की 23,300 डोज आई
पशुपालन विभाग ने एक लाख आठ हजार पशुओं को लंपी पॉक्स से बचाव के लिए टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। अब तक जिले में पहले चरण में 22,200 व दूसरे चरण में 64,500 वैक्सीन आई थी। दोनों चरणों में अब तक 84,500 पशुओं को डोज लग गई है। वीरवार को 2 हजार पशुओं को डोज लगाई गई। वहीं 2200 पेंडिंग हैं। इस बीच पशुपालन विभाग को तीसरे चरण की पेंडिंग 23,300 डोज भी मिल गई हैं।
कोट
जिले में लंपी की रफ्तार कम हुई है। गायों की मौत हो रही है, इसके लिए पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है। जो पशु लंपी आशंकित हैं, उनको अलग रखने की बात कही जा रही है और उनका इलाज पशु चिकित्सकों से करवाने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही पशुओं को फिटकरी के घोल व नीम के पत्तों से नहलाने की सलाह दी जा रही है।
-डॉ. सुखविंद्र, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग फतेहाबाद