फतेहाबाद। नशा मुक्त भारत अभियान पखवाड़ा के तहत गांव मताना में वीरवार को जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में एसपी ने कहा कि नशा एक सामाजिक, मानसिक और शारीरिक त्रासदी है, जो व्यक्ति को भीतर से खोखला कर देता है। यह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा और भविष्य को निगल रहा है। इससे अपराध, अवसाद, बेरोजगारी और पारिवारिक विघटन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इस बुराई के खिलाफ सामूहिक चेतना, संवाद और सहभागिता आवश्यक है।
पुलिस ने 12 से 26 जून 2025 तक नशामुक्त भारत पखवाड़ा का आयोजन किया है। इस दौरान विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, खेल मैदानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की कि यदि किसी क्षेत्र में नशा तस्करी, अवैध बिक्री या नशे से जुड़ी किसी गतिविधि की सूचना हो, तो उसे राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर साझा करें।
इसके अतिरिक्त नागरिक नजदीकी थाना, पुलिस चौकी या नशा मुक्ति टीम से भी संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम में डीएसपी संजय कुमार, शहर थाना प्रभारी ओम प्रकाश, गांव मताना के सरपंच एडवोकेट दलबीर आदि मौजूद रहे।
-
नशे से बढ़ रही बीमारियां
एसपी जैन ने बताया कि नशा कैंसर, मानसिक विकार, आत्महत्या, हृदय रोग, दुर्घटनाओं जैसी घातक बीमारियों का कारण बनता है। घरेलू हिंसा, पारिवारिक विघटन, सामाजिक तिरस्कार और बेरोजगारी को जन्म देता है। अपराध, भय और अविश्वास का वातावरण समाज में बनाता है।
इन्हें किया सम्मानित
इस अवसर पर एसपी जैन ने समाजसेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले डॉ. गिरीश कुमार, डॉ. शिक्षा (आयुष विभाग), भवानी सिंह, सुभाष खिचड़, डॉ. हरभगवान कंबोज, हरदीप सिंह, सुरेन्द्र ढाका, सुनीता (समाज कल्याण विभाग), कुलदीप सिंह, राकेश कुमार व उजागर सिंह, एवं जिंदगी संस्था के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।