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Fatehabad News: उठान की खुली पोल, बारिश से तीन लाख क्विंटल धान भीगा

Thu, 15 Oct 2026 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फोटो कैप्शन :- जाखल में भीगा पड़ा धान
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फतेहाबाद/टोहाना/जाखल/समैन/भूना। जिले में वीरवार सुबह हुई बारिश ने मंडियों में तीन लाख क्विंटल से अधिक धान भीग गई। बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल भी बिछ गई। मंडियों में पानी निकालने के लिए मजदूरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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वीरवार को सर्वाधिक 36 मिलीमटर बारिश जाखल में दर्ज की गई जबकि टोहाना में 17 एमएम, फतेहाबाद में 10, भूना में 9, कुलां में 6, भट्टूकलां में 5 और रतिया में 3 एमएम बारिश दर्ज की गई। टोहाना में एसडीएम आकाश शर्मा ने अतिरिक्त अनाज मंडी का निरीक्षण का नुकसान का जायजा लिया। प्रशासन ने खरीदे गए धान भीगने पर हैफेड और वेयरहाउस एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के अनुसार जिले की सात मार्केट कमेटियों में कुल 12,72,890 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई है। इसमें से 6,42,670 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है जबकि 6,30,220 क्विंटल धान की खरीद बाकी है। रतिया मंडी में सर्वाधिक 3,77,340 क्विंटल धान पहुंचा। इसमें से 1,96,920 क्विंटल की खरीद हुई, जबकि 1,80,420 क्विंटल धान बिना बिका है।
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भूना मंडी में 3,11,102 क्विंटल धान की आवक हुई लेकिन 92,615 क्विंटल की ही खरीद हो सकी। यहां 2,18,487 क्विंटल धान की खरीद बाकी है। फतेहाबाद मंडी में 2,41,041 क्विंटल और टोहाना मंडी में 2,39,430 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई।

4 लाख 27 हजार क्विंटल धान का उठान अभी बाकी
रिपोर्ट के मुताबिक मंडियों से अब तक 2,15,550 क्विंटल धान का उठान हो चुका है जबकि 4,27,120 क्विंटल उठान बाकी है। इसमें से करीब 3 लाख क्विंटल धान भीगने की आशंका है। मार्केट कमेटी फतेहाबाद के सचिव अमित रोहिल्ला ने बताया कि मंडियों में तिरपाल की व्यवस्था की गई है। फतेहाबाद क्षेत्र में बारिश कम हुई है, हालांकि इससे धान में नमी बढ़ गई है। धान सूखने के बाद उसकी खरीद कर ली जाएगी।

जाखल में सबसे अधिक 36 मिलीमीटर बारिश
जाखल। क्षेत्र में वीरवार को सर्वाधिक 36 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखी धान की ढेरियां भीग गईं, वहीं खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसल पर भी नुकसान का खतरा मंडराने लगा है।
किसानों ने मार्केट कमेटी पर बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया है। जिलेभर में बारिश के कारण मंडियों में खुले में रखे धान में नमी बढ़ने और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। किसानों को अब फसल सुखाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।
वहीं खेतों में खड़ी फसल की कटाई भी प्रभावित होने का डर है। ऐसे में पानी निकासी, तिरपाल और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था जरूरी हो गई है। किसान जग्गी महल, जगरूप सिंह, राम मेहर और नानक सिंह आदि ने बताया कि सुबह हुई बारिश से शहर में कई जगह पानी जमा हो गया और खुले में रखी धान की ढेरियां भीग गईं। उन्होंने सरकार से मामले में कार्रवाई करने की मांग की।
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बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं, पानी निकालने के लिए मजदूरों को करनी पड़ी मशक्कत
भूना। शहर में वीरवार सुबह करीब 9 एमएम बारिश ने अनाज मंडी में धान की सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल दी। बारिश के कारण खुले आसमान के नीचे पड़ा किसानों का हजारों क्विंटल धान भीग गया।
बारिश का पानी ढेरियों के नीचे बिछाई गई दरियों में भी जमा हो गया। इसके बाद मजदूरों को काफी मशक्कत कर पानी बाहर निकालना पड़ा ताकि धान को और नुकसान से बचाया जा सके। इसके बावजूद कई जगह धान और बोरियां भीग गईं।
धान को बारिश से बचाने के लिए अधिकारियों की ओर से पॉलिथीन सहित अन्य व्यवस्थाएं होने के दावे किए गए थे लेकिन बारिश के दौरान मंडी में बड़ी मात्रा में धान खुले में पड़ा दिखाई दिया। किसानों को आशंका है कि धान में नमी बढ़ने से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में मंडी प्रशासन के सामने खुले में रखी उपज को सुरक्षित रखने और बारिश से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने की चुनौती है।
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खेतों में बिछी धान की फसल
समैन। टोहाना खंड के समैन, कन्हड़ी, पिरथला, ललोदा और इंदाछोई सहित कई गांवों में वीरवार सुबह तेज हवाओं और बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। करीब एक घंटे तक हुई बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण तैयार खड़ी फसल खेतों में बिछ गई।
किसान राजबीर और कन्हड़ी के सतपाल सिंह ने बताया कि उनकी पांच-पांच एकड़ फसल जमीन पर बिछ गई है। खेतों में पानी भरने से हार्वेस्टर से कटाई मुश्किल होगी, जबकि हाथ से कटाई कराने पर लागत बढ़ जाएगी। कटी हुई फसल भी भीगने से खराब होने की आशंका है। खंड कृषि अधिकारी मुकेश महला ने बताया कि नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट ली जा रही है। उन्होंने फसल बीमा करवाने वाले किसानों से नुकसान की सूचना संबंधित बीमा कंपनी को 72 घंटे के भीतर देने की अपील की।

अतिरिक्त मंडी में एक लाख क्विंटल भीगा, खरीद एजेंसियों को नोटिस
टोहाना। अतिरिक्त अनाज मंडी में उठान में देरी के चलते सरकारी खरीद एजेंसियों का धान बारिश में भीग गया। मामले का संज्ञान लेते हुए मार्केट कमेटी सचिव संदीप गर्ग ने हैफेड और वेयरहाउस एजेंसियों को लिखित नोटिस जारी किए हैं।
एसडीएम आकाश शर्मा ने रतिया रोड स्थित अतिरिक्त अनाज मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान खरीद, गेट पास, फसल उठान और किसानों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। अब तक करीब 2.5 लाख क्विंटल धान की आवक हुई है जिसमें से लगभग 1.5 लाख क्विंटल की खरीद की जा चुकी है। जिसका अभी उठान बाकी है। वीरवार सुबह करीब पांच बजे शुरू हुई तेज बारिश से मंडी में जलभराव हो गया। बोरियों में भरा धान पानी में डूब गया, जबकि तिरपाल उड़ने से बोरियां भीग गई।
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रतिया में निचले इलाकों में भरा पानी, मंडी में भीगा धान
रतिया। वीरवार को क्षेत्र में हुई तीन एमएम बारिश से शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। कन्या स्कूल, भगत सिंह चौक और मंडी रोड सहित कई स्थानों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, अनाज मंडी में खुले में रखा धान भी बारिश की चपेट में आ गया, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई। किसान निर्भय, अमन और गोपी ने बताया कि धान की खरीद में देरी के कारण वे पहले ही परेशान हैं। अब बारिश से फसल में नमी बढ़ने और खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। मार्केट कमेटी के सचिव ओम प्रकाश चहल ने बताया कि बारिश को देखते हुए धान पर तिरपाल ढकवाई गई थी।
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