वार्ड नंबर 12 की बैठक में मौजूद पार्षद व अन्य संवाद
फतेहाबाद। नगर परिषद की वार्ड समितियों की बैठकें सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन और वार्डों की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थीं लेकिन ये बैठकें महज औपचारिकता बनकर रह गईं। कहीं पार्षद नहीं पहुंचे तो कहीं समिति के दूसरे सदस्य ही नदारद रहे। इसका असर सत्यापन प्रक्रिया पर भी दिखाई दिया।
वार्ड 11 और 12 के लिए सुंदर नगर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में आयोजित बैठक में 600 लाभार्थियों के सत्यापन का लक्ष्य था लेकिन यहां केवल 10 लाभार्थी ही पहुंचे। हैरानी की बात यह रही कि लाभार्थियों को सत्यापन के लिए बैठक की सूचना तक नहीं दी गई थी।
नगर परिषद की ओर से वीरवार को वार्ड 1 से 15 तक वार्ड समितियों की बैठकें आयोजित करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल होने के निर्देश दिए गए थे।
बैठक का उद्देश्य परिवार पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी का सत्यापन कराने के साथ सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की पुष्टि करना रहा। इसके अलावा वार्डों में सफाई व्यवस्था की स्थिति और विकास कार्यों के बारे में भी चर्चा की जानी थी।
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पेंशन और लाडली लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों का होना था सत्यापन
बैठक के एजेंडे में आय सत्यापन के दौरान जरूरी जानकारी उपलब्ध करवाना, बुढ़ापा पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन और लाडली लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों की जानकारी की पुष्टि करना शामिल रहा। नगर परिषद ने इस कार्य के लिए वार्ड समितियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। प्रत्येक वार्ड में करीब 300 लाभार्थियों का सत्यापन किया जाना था। इसके लिए सदस्य भी नियुक्त किए गए थे।
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सूचना नहीं मिलने से नहीं पहुंचे लाभार्थी
वार्ड 11 और 12 के लिए सुंदर नगर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में बैठक रखी गई थी। दोनों वार्डों के 600 लाभार्थियों की सूची नगर परिषद कर्मचारियों को दी गई थी लेकिन मौके पर केवल 10 लोग ही सत्यापन करवाने पहुंचे। लाभार्थियों को सूचना नहीं दिए जाने के कारण कम संख्या में लोगों के पहुंचने की बात सामने आई। वहीं समिति के सदस्यों की अनुपस्थिति ने भी बैठक की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए। पार्षद मोहन लाल नारंग ने बताया कि उनके वार्ड के लिए स्कूल में बैठक रखी गई लेकिन इसको लेकर लाभार्थियों को सूचना नहीं दी गई। वार्ड समिति के सदस्य भी नहीं आए हैं।