टोहाना। भविष्य संवारने के अरमान के साथ सैकड़ों बच्चे घर से स्कूल के लिए निकलते हैं किंतु विडंबना है कि उन्हें ज्ञान के मंदिर में प्रवेश के लिए जान जोखिम में डालकर दीवार पर चढ़कर रोज अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। रेलवे रोड स्थित अनाज मंडी में बने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में यह तस्वीर शुक्रवार को भी नजर आई।
बारिश होने पर स्कूल के सामने दो फीट तक पानी भर जाता है। इससे बचने के लिए बच्चों को स्कूल की दीवार पर चढ़कर और फिर पिलर की मदद से नीचे उतरना पड़ता है। इस दौरान हादसा की आशंका बनी रहती है। लगभग 15 दिन पहले भी बारिश के दौरान बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसके बाद भी प्रशासन ने अब तक इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अभिभावक रमेश, विनोद व सुरेश ने बताया कि बारिश के दिनों में हर बार यह समस्या आती है। प्रशासन से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई जाती है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। कई बार तो बच्चों को स्कूल में भेजने से भी डर लगता है क्योंकि इस तरीके से स्कूल में जाने से उनके साथ हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
-
निकासी के लिए बने चेंबर के लेवल ऊंचे होने से परेशानी बढ़ी
स्कूल के बाहर बारिश के पानी की निकासी के लिए दो चेंबर बनाए गए हैं। दोनों का लेवल सड़क के लेवल से ऊंचा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे पानी स्कूल परिसर के सामने ही जमा रहता है।
-
खंड शिक्षा अधिकारी हैं स्कूल के प्रिंसिपल
खास बात यह है कि इस स्कूल के प्रिंसिपल सत्यपाल फोगाट के पास टोहाना ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी का चार्ज भी है। ऐसे में लोगों का कहना है कि जब खंड शिक्षा अधिकारी के स्कूल का यह हाल है तो अन्य स्कूलों बारे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
रेलवे लाइन क्रॉस करना भी बड़ी समस्या :
इस स्कूल में आने के लिए वार्ड एक, दो व 23 के बच्चों को रेलवे लाइन क्रॉस करके आना पड़ता है। ऐसा इसलिए इंदिरा कॉलोनी में बने स्कूल की इमारत को शिक्षा विभाग ने जर्जर घोषित करने के बाद तुड़वा दिया था। इसके चलते वहां के बच्चों को भी इस स्कूल में आना पड़ता है। स्कूल को दो शिफ्ट में लगाया जाता है। सुबह के समय कक्षा छठी से बारहवीं, दोपहर बाद कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चे स्कूल में आते हैं।
समस्या के बारे में संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया गया है लेकिन कोई हल नहीं हुआ हैं। इसके चलते अभिभावक अपने बच्चों को बारिश के दिनों में स्कूल भेजने से भी कतराते हैं।
-सुभाष कुमार, प्रिंसिपल, राजकीय प्राथमिक स्कूल।
जल्द इस समस्या का स्थायी हल करवा दिया जाएगा। किसी बच्चे को परेशान होने नहीं दिया जाएगा।
- सत्यपाल फोगाट, खंड शिक्षा अधिकारी और स्कूल इंचार्ज, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टोहाना।