फतेहाबाद। जिला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1 से 7 अगस्त 2025 तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले के सभी प्रसूति संस्थाओं पर माताओं को स्तनपान के महत्व व लाभों की जानकारी दी जा रही है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सनी मल्होत्रा ने बताया कि शिशु के लिए मां का दूध अमृत समान होता है। इसमें भरपूर पोषक तत्व होते हैं जो शिशु को कुपोषण व शारीरिक रोगों के खतरे से बचाते हैं। नवजात को शुरू के 6 माह स्तनपान करवाना अनिवार्य है। पहले 6 माह तक केवल मां का स्तनपान कराएं। मां का दूध शिशु के लिए संपूर्ण आहार है।
मां का दूध शिशु को निमोनिया, डायरिया, कुपोषण और शारीरिक-मानसिक कमजोरी जैसी बीमारियों से बचाता है। जन्म के तुरंत बाद आने वाला गाढ़ा पीला दूध (कोलेस्ट्रम) शिशु के लिए अमृत समान होता है। शिशु को पहला टीका इसी दूध से मिलता है।
शिशु को टेटनस, पोलियो, निमोनिया, डायरिया, मस्तिष्क ज्वर, खसरा आदि रोगों से सुरक्षा मिलती है। मां का दूध शिशु के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। स्तनपान स्तन कैंसर, डिंब ग्रंथि कैंसर और हृदय रोग से बचाव करता है। स्तनपान डिलीवरी के बाद मां के शरीर से रक्तस्राव को रोकने, वजन घटाने में भी सहायक है।