फतेहाबाद। मौसम बदलने के साथ जिले में बुखार और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 1 से 15 सितंबर तक 1.68 लाख घरों का सर्वे किया। इस दौरान 2352 बुखार पीड़ित मिले और 164 घरों में डेंगू का लारवा मिला।
अभियान शुरू होने से अब तक 780 घरों में लारवा मिलने की पुष्टि हो चुकी है। डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए चलाए गए अभियान में टीमों ने घरों में पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच की। फ्रिज की ट्रे, गमले, पानी की टंकियां और कूलर भी जांचे गए। सर्वे के दौरान 164 घरों में लारवा मिला।
स्वास्थ्य विभाग ने लारवा मिलने वाले घरों के लोगों को नोटिस जारी किए हैं। विभाग की टीमें लोगों को घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक भी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू के नए मामले सामने आने से भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है।
जिले में अब तक डेंगू के सात और स्वाइन फ्लू के 11 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से बुखार होने पर लापरवाही नहीं बरतने की अपील की गई है। घरों और आसपास पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित सफाई करने की सलाह दी गई है।
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सिरसा भेजे जाएंगे स्वाइन फ्लू के नमूने
स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए सिरसा भेजे जाएंगे। पहले नमूने जांच के लिए हिसार भेजे जाते थे। विभाग के अनुसार सिरसा नजदीक होने के कारण नमूने और रिपोर्ट पहुंचने में कम समय लगेगा जिससे मरीजों का उपचार जल्द शुरू किया जा सकेगा।
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स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और ठंड लगना। विभाग ने आशंका या पुष्टि होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने, पर्याप्त आराम व तरल पदार्थ लेने और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
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डेंगू होने पर अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, कमजोरी तथा मतली जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में त्वचा पर लाल चकत्ते भी पड़ सकते हैं। लक्षण दिखने पर चिकित्सक की सलाह से रक्त जांच कराना जरूरी है। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों से बचना और घर के आसपास पानी जमा न होने देना जरूरी है।
- डॉ. मनीष टुटेजा, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
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डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए सर्वे किया जा रहा है। जहां भी लारवा मिल रहा है उसे नष्ट किया जा रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है कि अपने घरों के आगे पानी एकत्रित न होने दें। लक्षण दिखने पर जांच जरूर करवाएं।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम अधिकारी