फतेहाबाद। शहर की मार्केट कमेटी के अंतर्गत आने वाले खरीद केंद्र अयाल्की पर न तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और न ही वहां पर श्रमिकों के आराम करने के लिए कोई जगह। शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित इस केंद्र पर किसानों के लिए शौचालय व मजदूरों के लिए रहने के लिए मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं करवाई गई है। इससे मजदूरों का यहां काम कर पाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
गेहूं खरीद का सीजन पीक पर है। जिले की 7 मंडियों और 51 खरीद केंद्र पर गेहूं की भारी आवक हो रही है। प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हुए हैं कि केंद्रों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। वहां पर रोशनी से लेकर, पेयजल, शौचालय व अन्य सुविधाएं पूरी तरह से होनी चाहिए।
मजदूर रामप्रसाद, लालू, रामलाल, शंभू आदि ने बताया कि पिछले तीन दिनों से यहां के शौचालय का टैंक ओवरफ्लो हो रहा है जिससे आसपास गंदगी फैल रही है। इस गंदगी से उठने वाली बदबू से उनका यहां पर रहना मुहाल हो गया है। मार्केट कमेटी के कर्मचारियों को इस बारे में कई बार अवगत करवाया गया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
श्रमिकों के अनुसार तापमान 40 डिग्री से पार चल रहा है। दिन के समय काम करना यहां पर काफी मुश्किल भरा बना हुआ है। उनके आराम करने के लिए यहां पर कोई जगह नहीं है। मार्केट कमेटी की तरफ से यहां पर आराम की कोई सुविधा नहीं है। इस कारण उनको पेड़ की छांव या फिर बारदाने पर ही आराम करना पड़ रहा है।
मार्केट कमेटी की ओर से केंद्र पर सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। इस केंद्र पर अब तक 143590.2 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से 107329.1 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। इसमें से उठान मात्र 33551.3 मीट्रिक टन का ही हो पाया है। केंद्र पर अभी भी 362611.0 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होनी बाकी है।
केंद्र पर खरीद प्रक्रिया में तेजी और धीमी उठान प्रक्रिया से आढ़ती व किसान दोनों ही परेशान हैं। खरीद केंद्र पर गेहूं के बैगों व ढेरियों के अंबार लगे हैं। इस कारण नई फसल उतारने के लिए जगह नहीं बची है। इससे किसान अपनी फसल को खरीद केंद्र के पास लगते खेतों में खाली करके बैगों में भरवा रहे हैं।