फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: अविश्वास की आंधी में उड़ी कृष्ण की कुर्सी

Mon, 23 Feb 2026 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
फतेहाबाद के लघुसचिवालय में अविश्वास प्रस्ताव की बैठक के दौरान तैनात पुलिसकर्मी संवाद
विज्ञापन
फतेहाबाद/रतिया। रतिया पंचायत समिति के चेयरमैन केवल कृष्ण मेहता के खिलाफ सोमवार को लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 16-0 से पारित हो गया। इसके चलते चेयरमैन को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। 22 सदस्यीय समिति में फिलहाल 21 सदस्य हैं। एक सदस्य की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

अविश्वास प्रस्ताव संबंधी बैठक में चेयरमैन सहित 5 सदस्य गैरहाजिर रहे। एक माह में यह दूसरा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है जिसमें कांग्रेस चेयरमैन को पद छोड़ना पड़ा है। इससे भट्टूकलां पंचायत समिति चेयरमैन ज्योति लूणा को भी इसी तरह पद से हटा दिया गया था।
फतेहाबाद के लघु सचिवालय में एडीसी अनुराग ढालिया की अध्यक्षता में अविश्वास प्रस्ताव पर दूसरी बार बुलाई बैठक खत्म होने के बाद सदस्यों अवतार, अमन, जयवीर और तारा ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों में आ रहीं अड़चनों के चलते केवल मेहता को पद से हटाया है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र में विकास करवाने के लिए भाजपा का चेयरमैन बनाएंगे। बैठक में चेयरमैन केवल कृष्ण मेहता व वार्ड 22 से सदस्य नवीन, वार्ड 6 से सर्वजीत कौर, 16 से कमलेश रानी और वार्ड 17 से मनजीत गैर हाजिर रहे। कोरम पूरा होते ही अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान करवाया। एडीसी ने बताया कि 16 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया जिससे अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया।

अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सभी सदस्य एकजुट होकर पहुंचे
पंचायत समिति के वाइस चेयरमैन अवतार सिंह गुर्जर, सिमरनजीत कौर, पालो कौर, अशोक कुमार, सुनील कुमार, जसवीर कौर, राजिंद्र कौर, सुमनप्रीत कौर, ऊषा देवी, जयबीर सिंह, बग्गा सिंह, अमन सहित 16 सदस्य 9 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। इसके बाद 19 फरवरी को मतदान की तिथि तय की गई, लेकिन मतदान से कुछ समय पहले एडीसी अनुराग ढालिया की तबीयत खराब होने के कारण बैठक को स्थगित कर 23 फरवरी की नई तिथि निर्धारित की गई। बैठक स्थगित होने पर भाजपा नेताओं और चेयरमैन विरोधी सदस्यों ने रोष भी जताया।

खिलाफत पड़ी महंगी
भट्टूकलां पंचायत समिति की चेयरपर्सन पद से ज्योति लूणा को भी अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाया जा चुका है। लूणा भी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस में शामिल हो गई थीं। इसके बाद पूर्व विधायक दुड़ाराम समर्थक उनके विरोध में लामबंद थे।
-
पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने एकजुट रखा

चेयरमैन केवल कृष्ण मेहता को हटाने की मुहिम छेड़े पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने सभी विरोधी सदस्यों को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई। दुग्गल विरोध कर रहे 16 सदस्यों को साथ लेकर 19 फरवरी को ही मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची और पूरे मामले की जानकारी दी। दुग्गल ने ही सोमवार को सभी 16 सदस्यों को मतदान के लिए लघु सचिवालय भेजा।


विधानसभा चुनाव में केवल ने बदल लिया था पासा

भाजपा के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रह चुके केवल मेहता 22 नवंबर 2022 को वार्ड 5 से समिति सदस्य चुने गए थे। तत्कालीन विधायक लक्ष्मण नापा के समर्थन से इसी दिन ब्लॉक समिति रतिया के चेयरमैन चुने गए। अक्तूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान केवल मेहता भाजपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए, लेकिन प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार आ गई। इससे खफा पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने केवल मेहता को हटाने की मुहिम छेड़ दी। दिसंबर 2024 में 15 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की मांग की। 10 जनवरी 2025 को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान संबंधी बैठक में 12 सदस्य ही पहुंचे और प्रस्ताव गिर गया। नियमानुसार अगले एक साल तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता। ऐसे में एक वर्ष पूरा होने के बाद विरोधी सदस्य फिर एकजुट हुए और अपने मकसद में कामयाब रहे।



मतदान के बाद भाजपा कार्यालय पहुंचे सदस्य

अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद सभी सदस्य भाजपा के जिला कार्यालय पहुंचे। यहां जिला प्रधान एडवोकेट प्रवीन जोड़ा से मुलाकात की और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। जोड़ा ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय विकास, पारदर्शिता और जनहित की भावना को मजबूत करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें