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Fatehabad News: 22 साल से कायम है बैजलपुर की कोरड़ा होली

Sun, 01 Mar 2026 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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भूना।बैजलपुर की ‘कोरड़ा होली’’, देवर-भाभी की अनोखी फाग खेलते हुए - फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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भूना। हरियाणा की लोक संस्कृति की जीवंत तस्वीर देखनी हो तो गांव बैजलपुर का रुख कीजिए। यहां पिछले 22 वर्षों से होली के बाद दुल्हेंडी पर सामूहिक फाग उत्सव मनाने की अनोखी परंपरा निभाई जा रही है। इस बार 3 से 6 मार्च तक गांव के चौक में 20 साल के युवाओं से लेकर 70 वर्षीय बुजुर्गों तक के देवर-भाभी के जोड़े कोरड़ा होली में अपना दमखम दिखाएंगे।
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बैजलपुर की यह परंपरा केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक बन चुकी है। वर्ष 2004 में हवलदार सतबीर सिंह झाझडिया, मास्टर रोहताश भाखर और धर्मवीर कादियान आदि के नेतृत्व में बनी कमेटी ने गांव में बढ़ते होली हुड़दंग और पानी की बर्बादी को रोकने के उद्देश्य से सामूहिक फाग मनाने की पहल की थी। गांववासियों ने एकजुट होकर इसे अपनाया और तभी से एक ही स्थान पर पूरे गांव की सहभागिता से उत्सव मनाने की परंपरा जारी है।



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कढ़ाई का पानी और रस्सी के कोरड़े, परंपरा का अनोखा रंग

गांव के सामान्य चौक में लोहे की बड़ी कढ़ाई पानी से भरकर रखी जाती है, साथ ही आसपास टैंकरों में पानी का स्टॉक किया जाता है। कढ़ाई के पास खड़ी महिलाएं चुन्नी, कपड़े और मजबूत रस्सियों से बने कोरड़ों से रिश्ते में देवर लगने वाले युवाओं पर वार करती हैं, वहीं युवा कढ़ाई से पानी भरकर महिलाओं पर डालते हैं। यह पूरा कार्यक्रम उत्साह, हंसी-ठिठोली और पारंपरिक गीतों से गूंज उठता है। खास बात यह है कि यह सब मर्यादा और सम्मान के साथ होता है। ग्रामीण इलाकों में विवाहित महिलाएं अपने देवरों के साथ इस अनोखे अंदाज में फाग खेलती हैं। कोरड़ों की मार को भी युवा हंसी-खुशी सहते हैं और इसे त्योहार की मस्ती का हिस्सा मानते हैं।
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विजेताओं को सम्मान, युवाओं को जिम्मेदारी

फाग उत्सव के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले देवर-भाभी के जोड़ों को आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया जाता है। इससे युवाओं में उत्साह और बढ़ता है। ग्राम पंचायत बैजलपुर के सरपंच हेमंत बैजलपुरिया का कहना है कि इस परंपरा का मूल उद्देश्य भाईचारा कायम रखना और पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकना है। आज भी युवाओं की टीम बुजुर्गों की इस विरासत को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि बैजलपुर की कोरड़ा मार होली अब दूर-दूर तक प्रसिद्ध हो चुकी है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इस अनोखी फाग को देखने पहुंचते हैं। ग्राम पंचायत ने भी आयोजन के सफल संचालन के लिए युवाओं को पूरा सहयोग करती है।
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