भूना की शास्त्री मंडी में किसान महापंचायत के दौरान मंच पर मौजूद गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य किसान ने
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भूना की शास्त्री मंडी में शनिवार को सर्वजातीय किसान महापंचायत की गई। महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जोश भरे लफ्जों में कहा कि सरकार सड़कों पर नुकीले लोहे लगा दे या चाहे टैंक खड़े करे, किसान अनुशासित ढंग से अपनी मांग पर डटे रहेंगे। महापंचायत में आसपास के कई गांवों से किसान शामिल हुए। हालांकि, मुख्य स्टेज पर राजनीतिक दलों के नेताओं को स्थान नहीं मिला। इसके चलते पूर्व संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिलाखेड़ा व पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया आम जनता के बीच पत्रकारों केेेे लिए लगाई गई कुर्सियों पर बैठे हुए नजर आए। वहीं, उन्हें चढू़नी की मौजूदगी में बोलने का समय तक नहीं दिया गया।
26 जनवरी की हिंसा आंदोलन को बदनाम करने के लिए थी सुनियोजित
गुरनाम सिंह चढूनी ने 26 जनवरी के मामले को खुलकर किसानों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि वे सभी लोग सरकार के ही थे। ऐसा किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की नीयत से किया गया और यह सुनियोजित था। इसके प्रमाण उस रोज के दिल्ली के खुले द्वार हैं। किसानों ने ट्रैक्टर परेड पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से निकाली थी। सरकार के इशारे पर पिछले एक सप्ताह से किसानों को डराने का काम किया जा रहा है। कभी पुलिस तो कभी दूसरी एजेंसी परेशान कर रही हैं। कुछ गुंडों ने गाजीपुर और कुुंडली बार्डर पर पांच बार किसानों को निशाना बनाया है। यही नहीं किसानों की बिजली व पानी की सप्लाई तक बंद कर दी गई थी।
टिकैत के आंसू पर खून बहाने को तैयार किसान
चढ़ूनी ने कहा कि जमीन और फसल को बचाया जाएगा। किसी भी तरह का जुल्म सहन नहीं करेंगे। टिकैत के आंसू ही नहीं किसान अपने हक के लिए अपना खून तक बहा देने को तैयार हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के एक कॉल की दूरी के सवाल पर कहा कि हमारे पास तो सरकार का नंबर तक नहीं है। सरकार बातचीत के लिए बुला नहीं रही है। ऐसे में सरकार की कथनी और करनी का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जगदीश पारता, जिला संयोजक मांगेराम हसंगा, राजेश खलेरी, हरजीत मल्ली, गुरदीप भट्टी, सुखदेव सुखा, बलजीत सिंह, पूर्व कैप्टन रामकिशन भगासरा, सरदार समरजीत सिंह, गोल्डी मल्ली, परमजीत कैरो, कामरेड रामस्वरूप, हंसराज गोरखपुर, गुरनाम सिंह, बलवान सिंह सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।