फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जज ने जीता दिल: अदालत में नंगे पांव आया सात साल का बच्चा, देखकर भावुक हुए जज ने तुरंत दिलवाए जूते

Sun, 29 May 2022 01:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह अशोक दधीच, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में दो महिलाएं चोरी के मामले में पेश होने आई थी। साथ में बच्चा आया था। जज ने कहा कि बच्चा इतनी गर्मी में कैसे पैदल नंगे पांव आया होगा।
विज्ञापन
जज ने दिलवाए बच्चे को जूते। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अक्सर अदालतों में पेश होने वाला हर आरोपी न्यायाधीशों के आदेश को लेकर डरा सहमा रहता है, भले ही वह आम नागरिक हो या वीआईपी। मगर फतेहाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपनी अदालत के अंदर ही एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिससे न्यायपालिका के प्रति लोगों की सोच ही बदलेगी।

विज्ञापन


हरियाणा के फतेहाबाद में मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत में दो महिलाएं पेश हुई, उनके साथ करीब सात साल का एक बच्चा भी था। बच्चा नंगे पांव ही उनके साथ आया था। बच्चे को नंगे पांव देखकर न्यायाधीश का दिल पसीज गया। उन्होंने यह कहते हुए कि इतनी गर्मी में कैसे यह बच्चा नंगे पांव आया होगा। इस पर उन्होंने अधीनस्थ को बच्चे के लिए तुरंत जूते मंगवाकर उसे पहनाने के लिए दिए। 

यह था मामला
जानकारी के अनुसार, टोहाना शहर पुलिस ने ऑफिसर कॉलोनी निवासी राधा की शिकायत पर 2 जून 2020 को टोहाना के रेलवे रोड निवासी गीता व जिना के खिलाफ धारा 379ए व 34 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में राधा ने बताया था कि उसने अपने घर के पास ही किराये पर परचून की दुकान की हुई है।
विज्ञापन


2 जून 2020 को वह अपनी दुकान में बैठी थी, इसी दौरान दो औरतें दुकान में आकर चीनी व चाय पत्ती का भाव पूछने लगी। इसके बाद वह उसे दाल आदि का भाव पूछती रही और उसे बातों में उलझाकर उक्त महिलाएं उसके हाथ में पकड़ा मोबाइल झपट्टा मारकर छीनकर ले गई। इसके बाद उसका बेटा वहां आया तो उसने पुलिस को सूचित किया और दोनों महिलाओं को रेलवे रोड से काबू कर लिया। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

महिला से पूछा बच्चे को चप्पल क्यों नहीं पहनाई तो गरीबी का दिया हवाला
शुक्रवार को स्नैचिंग के मामले में दो महिलाओं की जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत में पेशी थी। पेशी के दौरान उनके साथ करीब सात साल का बच्चा भी आया हुआ था। जब महिलाएं अदालत में पेश हुई तो यह बच्चा भी उनके साथ चला आया। बच्चा नंगे पांव था, जिसे देखकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भावुक हो गए। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि बच्चे को चप्पलें क्यों नहीं पहना रखी तो महिलाओं ने गरीबी का हवाला दिया। इसके बाद न्यायाधीश डीआर चालिया ने कहा कि इतनी गर्मी में यह बच्चा कैसे नंगे पांव जमीन पर चलकर आया होगा। उन्होंने तुरंत बच्चे के लिए जूते मंगवाए और उसे पहनने के लिए दिए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया के इस कदम की पूरे न्यायिक परिसर में चर्चा हो रही है।

वकील बोले, न्यायाधीश ने उदाहरण पेश किया
फतेहाबाद बार के वकील रमेश जोइया, अजय बैनीवाल, विनय शर्मा का कहना है कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया ने समाज में एक उदाहरण पेश किया है कि भले ही कोई अपराधी हो या याची, लेकिन जरूरतमंद बच्चों की मदद करना हमारा कर्तव्य बनता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें