फतेहाबाद के बिजली निगम कार्यालय से रिश्वत के आरोपी को लेकर जाते हुए एसीबी टीम संवाद
फतेहाबाद। 33 केवी सब स्टेशन में मंगलवार दोपहर को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने दबिश देकर जेई धर्मबीर को 34 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। जेई पर भाजपा नेता एवं बिजली निगम के ठेकेदार भवानी सिंह से करीब 9 लाख रुपये का बिल पास करने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश सचिव भवानी सिंह बिजली निगम में ठेकेदारी का काम करते है। उसने गांव धिड़ से टाहलीवाली ढाणी तक बिजली लाइन खींची थी। उसका 9 लाख रुपये का बिल पास करवाने के लिए उनकी टीम डेढ़-दो महीने से चक्कर काट रही थी, मगर कोई न कोई आपत्ति लगाकर बिल पास नहीं किया जा रहा था।
आरोप है कि बिल पास करने के लिए 34 हजार रुपये मांगे गए। भवानी सिंह ने मामले की शिकायत एसीबी हिसार को दी। इसके बाद एसीबी ने टीम गठित की। मंगलवार दोपहर को भवानी सिंह ने जैसे ही बिजली निगम कार्यालय पहुंचकर रिश्वत राशि धर्मबीर सिंह को दी, उसी समय एसीबी की टीम ने दबिश देते हुए उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि भवानी सिंह की शिकायत पर जेई धर्मबीर सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
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ऑडिट वाले ले जाते हैं क्या करें, पैसे देने पड़ेंगे
भाजपा नेता भवानी सिंह ने बताया कि जेई की शिकायत उन्होंने बिजली निगम के उच्च अधिकारियों को भी दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जेई बिल पास करने के नाम पर बार-बार परेशान कर रहा था और एक लाख रुपये मांग रहा था। आरोप है कि जेई बार-बार कहता था कि ऑडिट वाले ले जाते हैं, क्या करें, पैसे तो देने पड़ेंगे। पकड़ा गया आरोपी जेई धर्मबीर सिंह दिव्यांग हैं। वह भट्टू क्षेत्र के गांव रामसरा का निवासी है और उसकी ड्यूटी सिटी सब डिवीजन के अंतर्गत थी। कुछ ग्रामीण एरिया का हिस्सा उसके अधीन आता है।