तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों से अब लोगों का भावनात्मक जुड़ाव होने लगा है। इसलिए आंदोलनकारियों के लिए कोई जलेबी भुजिया तैयार करवा रहा है तो कोई रजाई कंबल की व्यवस्था में जुटा हुआ है। रतिया क्षेत्र के गांव बाड़ा से सरपंच राजवीर की अगुवाई में ग्रामीणों का जत्था किसानों को सहयोग व समर्थन देने के साथ-साथ जलेबी, भुजिया सहित अन्य सामान तैयार करके अपने साथ टिकरी बॉर्डर पर लेकर गए। क्षेत्रवासी बलबीर सिंह ने बताया कि उनके गांव बाड़ा के ग्रामीणों ने पंचायत के सहयोग से एकजुट होकर किसानों के लिए जलेबी, भुजिया व बूंदी सहित अन्य खाद्य सामग्री तैयार करवाई है। इसके अलावा खेती बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर सेंटर गुरुद्वारा श्री अजीतसर साहिब में भी लोग जरूरत की सामग्री जमा करवा रहे हैं। इस सामग्री में ठंड से बचाव के लिए गद्दे, कंबल, रजाइयां आदि शामिल है।
गांव फुलां से हर रोज भेज रहे 50 किलो दूध : गांव फुलां से प्रतिदिन 50 किलो दूध आ रहा है। मानसिंह सिहाग, जनक राज दहिया, दाता राम एवं महेंद्र गढ़वाल के नेतृत्व में फुलां वासियों द्वारा 40 क्विंटल गेहूं भी भेजा गया। गांव भरपूर से एक जत्था दिल्ली बॉर्डर पर संघर्ष में शामिल होने के लिए भी रवाना हुआ। उल्लेखनीय है कि संघर्ष समिति द्वारा दिल्ली बॉर्डर पर सबके लिए खुला लंगर चलाया जा रहा है। वहां खेती बचाओ संघर्ष समिति के प्रधान जरनैल सिंह, राजविंदर सिंह चहल, जिला पार्षद रामचंद्र सहनाल, मंगतराम सहनाल, सुखविंदर सिंह सहित काफी संख्या में समिति सदस्य धरने प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे हैं।
व्यापार मंडल पहुंचा समर्थन देने : रतिया व्यापार मंडल के सदस्य भी अध्यक्ष अमन जैन की अगुवाई में टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के समर्थन में किसानों को सहयोग करने पहुंचा। व्यापार मंडल अध्यक्ष ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो तीन कानून लागू किए हैं वह किसान व व्यापारी विरोधी है। इनको तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए। इस दौरान राइस सेलर एसोसिएशन के शहरी अध्यक्ष रमेश गर्ग, व्यापार मंडल के पूर्व प्रधान राजकुमार गर्ग, हरबंस खन्ना, मिट्ठू सिंह तेलीवाड़ा, दर्शन गर्ग, दीपी गर्ग सहित कई पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।