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फतेहाबाद: दुष्कर्म के कई मामलों में आरोपी जलेबी बाबा की जमानत याचिका दोबारा खारिज

Wed, 26 Feb 2020 06:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहाबाद (हरियाणा)
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बिल्लूराम उर्फ अमर पुरी (जलेबी वाला बाबा) - फोटो : फाइल फोटो
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने टोहाना के बहुचर्चित बिल्लूराम उर्फ अमर पुरी (जलेबी वाला बाबा) सेक्स कांड मामले में आरोपी बाबा की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कोर्ट आरोपी की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और आरोपी को हाईकोर्ट ने कोई राहत नहीं दी थी।

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जानकारी के मुताबिक आरोपी बाबा बिल्लूराम उर्फ अमर पुरी के खिलाफ टोहाना शहर पुलिस ने 19 जुलाई 2018 को आईपीसी की धारा 292, 293, 294, 354, 376, 384, 506, 509, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी बाबा झाड़-फूंक की आड़ में महिलाओं का शारीरिक शोषण करता था और उनकी वीडियो क्लिप भी बनाता था।

बाबा ने अनेक महिलाओं को डरा धमकाकर रुपये भी ऐंठे। गुप्त सूचना देने वाले ने बाबा के इस कुकृत्य की कई वीडियो सीडी भी उपलब्ध करवाई थी। इसके बाद पुलिस छापेमारी में बाबा अमरपुरी के टोहाना स्थित डेरे से शराब की बोतलें, पाकिस्तानी किताब और अर्धनग्न तस्वीरें भी मिली थीं।
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बचाव पक्ष के वकील का तर्क
बुधवार को अपने तर्क में बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी 19 जुलाई 2018 से कस्टडी में चल रहा है और ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लगेगा। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील ओपी बिश्नोई, संजय वर्मा व एडवोकेट विजय किशन रंगा ने अदालत को बताया कि आरोपी मंदिर चलाता था और उसका नाजायज फायदा उठाते हुए धार्मिक भावनाओं और विश्वास का फायदा उठाते हुए कई महिलाओं व एक बच्ची से दुष्कर्म किया।

पांच पीड़ित महिलाओं ने आरोपी के खिलाफ अदालत में अभियोजन पक्ष में गवाही दी है। आरोपी जमानत के लिए हाईकोर्ट तक गया, लेकिन उसे वहां से कोई राहत नहीं मिली। जिसके बाद सुनवाई के बाद माननीय अदालत ने कहा कि जमानत याचिका में कोई नया ग्राउंड नहीं है। पांच पीड़िताओं सहित अब तक 24 गवाह हो चुके हैं और आरोपी की सीडी भी उसकी कहानी बयां कर रही हैं। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती।

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