प्रदेश के कई जिलों में फैले उपद्रव के बाद अफवाह फैलने के डर से बंद किए गए फतेहाबाद के मोबाइल इंटरनेट को आठ दिन बाद भी शुरू नहीं किया गया है। सामान्य परिस्थितियों के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों को अफवाहें फैलने का डर बना हुआ है।
यानी पुलिस अधीक्षक ने अभी तक स्थितत सामान्य होने की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को नहीं दी है। उपभोक्ताओं को परेशानी के साथ कंपनियों को घाटा उठाना पड़ रहा है। कंपनियों के अधिकारियों की मानें तो अब तक मोबाइल इंटरनेट बंद होने से ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है।
जाट आरक्षण आंदोलन में शुरू हुए उपद्रव के बाद जिला प्रशासन ने 19 फरवरी की सुबह मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद की दी थी। सोमवार से स्थितत सामान्य होनी शुरू हो गई। इसके बाद उपभोक्ताओं को मोबाइल इंटरनेट जल्द चलने की उम्मीद थी, लेकिन शुक्रवार तक इंटरनेट सेवाएं शुरू नहीं हो पाई। उपायुक्त मानते हैं कि स्थिति सामान्य हो गई हैं, लेकिन उन्हें पुलिस अधीक्षक की क्लीयरिंग रिपोर्ट का इंतजार है।
मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद होने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। सेवाएं पिछले लगभग 8 दिन से बंद हैं। कंपनियों को फतेहाबाद से प्रतिदिन लगभग 30 लाख रुपये का घाटा हो रहा है।
मदन गर्ग, श्रीराम मोबाइल जोन, बीएसएनएल फ्रेंचाइजी
पुलिस अधीक्षक ने अभी तक क्लीयरिंग रिपोर्ट नहीं दी है। रिपोर्ट आते ही मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
एनके सोलंकी, उपायुक्त
जाट आंदोलन में फतेहाबाद व हिसार मुख्य केंद्र में थे। उसी को देखते हुए एहतियात के तौर पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थी। जिसे जल्द चालू कर दिया जाएगा।
ओपी नरवाल, पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद