तीन माह पहले जिस अवैध शराब की बिक्री मामले में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और तत्कालीन एसपी संगीता कालिया के विवाद ने पूरे देश का ध्यान खींचा था, गांव अलीका में उसी मामले में प्रशासन ने बिना शिकायतकर्ता का पक्ष सुने ही मामले को निपटा हुआ घोषित कर दिया।
प्रशासन की ओर से जारी औपचारिक बयान में बाकायदा इस बात का जिक्र है कि इस मामले में शिकायतकर्ता भी संतुष्ट है। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता जनवादी नौजवान सभा के मंदीप नथवान ने इस मामले में संतुष्ट होने से इंकार किया है। साथ ही कहा कि वे इस मामले को सरकार तक लेकर जाएंगे।
ये है मामला
28 नवंबर को स्थानीय पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करने आए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और तत्कालीन एसपी संगीता कालिया के बीच विवाद हो गया था। दरअसल रतिया निवासी मंदीप नथवान और उनके संगठन के लोगों ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायत रखी थी कि रतिया, खासकर अलीका गांव में अवैध शराब की बिक्री बहुत जोरों पर है।
इस पर विज ने पहले तीन सदस्यीय कमेटी बनाई, उसके बाद एसपी संगीता कालिया से इस बारे में जवाब तलबी की। इस दौरान मंत्री अनिल विज और एसपी संगीता कालिया के बीच विवाद हो गया और विज बैठक छोड़कर चले गए। घटना के अगले ही दिन एसपी का तबादला कर दिया गया।
नए एसपी ने आते ही चलाया नशा मुक्ति अभियान
नए एसपी ओपी नरवाल ने फतेहाबाद की कमान संभालते ही रतिया इलाके में विशेष फोकस किया। उन्होंने रतिया-टोहाना के नशा प्रभावित गांवों में नशा मुक्ति अभियान भी चलाए। हालांकि रतिया में कई गांव अभी भी नशे की गिरफ्त से बाहर नहीं आ पाए हैं।
15 में से 14 मामलों का निपटारा करने का दावा
जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इस बैठक में कुल 15 मामलों में से 14 का मौके पर ही निपटारा किया गया और एक मामले को लंबित रखते हुए तहसीलदार टोहाना को अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।