फतेहाबाद। ढाणी भोजराज के चर्चित अंतरजातीय विवाह विवाद मामले में अवैध वसूली के आरोपों की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। एसीबी की एसआईटी ने रिमांड के दौरान सेवानिवृत तत्कालीन डीएसपी रीडर सब इंस्पेक्टर दर्शन सिंह से पूछताछ की। इस दौरान आरोपी ने 5.50 लाख रुपये के लेनदेन से जुड़े स्थानों की निशानदेही करवाई। उसने उस जगह की भी निशानदेही करवाई जहां काले लिफाफे में रुपये डीएसपी संजय को दिए जाने का आरोप है।
दर्शन सिंह को एसीबी ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रिमांड के दौरान एसीबी द्वारा गठित एसआईटी ने मामले से जुड़े कई पहलुओं पर पूछताछ की।
सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए हैं। हालांकि निशानदेही और फर्द-ए-इंसाफ से जुड़े दस्तावेजों पर दर्शन सिंह ने हस्ताक्षर नहीं किए। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पहले जांच अधिकारी रह चुका है। मामले में डीएसपी संजय बिश्नोई की भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ सकती है। सूत्रों के अनुसार उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं और वह जांच के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि डीएसपी अपने ऊपर लगे आरोपों से इन्कार कर चुके हैं।
वॉयस सैंपल रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव
सेवानिवृत एसआई दर्शन सिंह का वॉयस सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आया था। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद एसीबी ने सोमवार को उन्हें गिरफ्तार किया। दर्शन सिंह करीब दो माह पहले ही सेवानिवृत हुए थे।
गुम हुए मोबाइल का रिकॉर्ड भी कब्जे में
जांच टीम ने दर्शन सिंह के गुम हुए मोबाइल फोन का रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया है। आरोपी ने 23 जून 2025 को मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। मामले की जांच के लिए एसीबी एसपी अर्श वर्मा ने एसआईटी गठित की थी। ढाणी भोजराज गांव में युवक और युवती के अंतरजातीय विवाह के बाद विवाद हुआ था। इसके बाद नौ लोगों और 50 अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मामले में एससी-एसटी एक्ट लगाया गया था। आरोप है कि इसी मामले में फंसाने का भय दिखाकर अवैध वसूली की गई। तत्कालीन डीएसपी रीडर दर्शन सिंह की एक ऑडियो भी वायरल हुई थी। इसके आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो हिसार ने दर्शन सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।