फतेहाबाद। औद्योगिक क्षेत्र में पिछड़े जिलों की सूची में फतेहाबाद शुरू से ही शामिल रहा है। जिसको लेकर जिले के उद्योगपति इस बार बजट पेश किए जाने से पहले उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस बार कुछ बेहतर योजनाएं फतेहाबाद के लिए आएंगी।
उद्योगपतियों का कहना है कि साल 2024 में केंद्र सरकार के बजट में उद्योगपतियों को कुल 47,559 करोड़ रुपये की सौगात मिली थी, लेकिन उसके बाद भी जिले के छोटे-मोटे उद्योगों की हालात में कोई सुधार नहीं हो सका। फतेहाबाद शहर में इतना पीछे है कि यहां पर जिले बनने के 28 वर्ष बाद भी औद्योगिक क्षेत्र नहीं है।
व्यापारियों के अनुसार फतेहाबाद में कॉटन मिल मशहूर रही हैं, लेकिन सरकार की तरफ से सहायता नहीं मिलने से पिछले कई वर्षों से से दम तोड़ चुकी हैं। वहीं यहां पर जूते भी अच्छी क्वालिटी के बनते हैं। फतेहाबाद जिले में जूता उद्योग की छोटी बड़ी करीब 100 इकाइयां हैं। जो कि बड़े स्तर पर जूतों का उत्पादन करती हैं। इन ईकाइयों से दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान निर्यात होता है।
इस बर केंद्र सरकार का बजट किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण साबित होने की उम्मीद है। बजट में केंद्र सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लाने की उम्मीद है। ताकि जिले में नए उद्योग स्थापित हो सके और रोजगार बढ़ सके।
सोनू सोलंकी, उद्योगपति
फरवरी में पेश होने वाले बजट से उम्मीद है केंद्र सरकार उद्योगों को आगे बढ़ाने काम करेगी।जिनको नया उद्योग स्थापित करना है, उनके लिए बैंक से ऋण लेने में परेशानी हो रही है। सरकार को बैंक से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान करना चाहिए।
नरेश सरदाना, प्रधान, औद्योगिक क्षेत्र, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद जिले के लिए औद्योगिक क्षेत्र निर्धारित होनी चाहिए, जहां पर उद्योग विकसित हो सके। उद्योगों के लगने से यहां पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे जहां युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं पर उत्पादन भी काफी बढ़ेगा।
-दीपक सरदाना, उद्योगपति।
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केंद्र सरकार को बजट में आयकर टैक्स में छूट देकर राहत देनी चाहिए। सरकार उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव मदद करे ताकि व्यापार बढ़ने से रोजगार के साधन बढ़ाए जा सके। उद्योगों से रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं।
दीप सिंह पुन्नी, इंजीनियरिंग वर्क्स, टोहाना।
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बड़े उद्योग को पूरी और सस्ती बिजली मिले इसका प्रावधान किया जाए। सरकार द्वारा 20 पैसे प्रति यूनिट बिजली में पंचायत टैक्स व 47 पैसे प्रति यूनिट का एफएसएसए लगाया गया है। जिसे बंद किया जाए। इनसे उद्योगों के खर्चें पर भार बढ़ता है।
-विनोद सिंगला, उद्योगपति, टोहाना