फतेहाबाद। बिजली निगम ने बिजली की दरों में किलोवाट खपत के अनुसार बढ़ोतरी को लागू कर दिया है। इससे जून माह की बिजली का बिल बढ़ी हुई दरों के साथ उपभोक्ताओं को थमाया गया है।
बिजली के रेट में बढ़ोतरी से जिन उपभोक्ताओं का पहले 1000 रुपये प्रतिमाह का बिल था। वहीं इस बार उनका बिजली बिल 1500 रुपये तक आया है।
बिजली बिल में नियत शुल्क (फिक्सड चार्ज) और अतिरिक्त सरचार्ज की धनराशि भी बढ़ गई। इसको लेकर बिजली उपभोक्ताओं ने सरकार से बढ़ी हुई बिजली दरों को वापिस लेने की मांग की है।
नए वित्त वर्ष से ही बिजली निगम ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर दी थी। बढ़ी कीमतों के साथ बिजली का पहला बिल जून माह में वितरित किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को पहले के बिजली बिल की अपेक्षा नए बिल में 500 से लेकर 800 रुपये तक खर्च बढ़ गया।
फतेहाबाद के शहरी उपमंडल के बिजली निगम कार्यालय में मंगलवार को बिजली का बिल की राशि जमा करवाने पहुंचे उपभोक्ताओं ने बताया की सरकार की ओर से पंचायत टैक्स, सरचार्ज और म्युनिसिपल टैक्स लगाने के बाद अब बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी और ऊपर से फिक्सड चार्ज भी लागू कर दिया है। इससे उपभोक्ताओं पर प्रतिमाह का बिजली बिल का खर्च बढ़ गया है।
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बिजली दर बढ़ने व फिक्स चार्ज लगने के बाद (दो किलोवाट तक)
यूनिट-पहले रुपये-अब रुपये-फिक्स चार्ज
0-50- 2.00-2.20-00
51-100-2.75-2.00-2.70-00
5 किलोवाट तक
0-150-250-2.95-00
301-500-5.25-6.45-75 रुपये प्रति किलोवाट
500 से अधिक-50 प्रति किलोवाट
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5 किलोवाट से अधिक के लोड पर
0-500-6.50-75 किलोवाट प्रति घंटा
501-1000-7.15-75 किलोवाट घंटा
1000 से अधिक पर-7.50-75 किलोवाट प्रति घंटा
मेरा हर माह बिजली का बिल 450 से 500 रुपये आ रहा था लेकिन इस बार 957 रुपये आया है। निगम ने कई सरचार्ज लगाकर बिल भेजा है। इससे मेरा बिजली बिल करीब 400 रुपये तक बढ़ गया है। सरकार को घरेलू बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए थी।
-ओमप्रकाश, बिजली उपभोक्ता।
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मेरा इस माह के बिजली की राशि 2335 रुपये आई है। जबकि इससे पहले प्रति माह का बिजली 1500 रुपये अधिक कभी नहीं आया। ऐसे में मेरा प्रति माह का खर्च 800 रुपये तक बढ़ गया है। अधिकारी इसका कारण दरों में की गई बढ़ोतरी बता रहे हैं।
-सूचा सिंह, बिजली उपभाेक्ता।
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बिजली की दरों में हुई बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर उद्योगपतियों पर हुआ है। उद्योगपतियों पर पहले से कई प्रकार के टैक्स लगाए जा रहे हैं। वहीं अब बिजली महंगी होने से उनका खर्च और बढ़ गया है। बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए थी।
-नरेश सरदाना, उद्योगपति।
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बिजली की दर महंगी होने से व फिक्सड चार्ज लागू करने से उद्योगपतियों का प्रति माह का खर्च हजारों रुपये बढ़ गया है। फतेहाबाद जिले में पहले से ही कोई बड़ा उद्योग नहीं है। वहीं अब बिजली महंगी होने से इसका असर उद्योगपतियों पर पड़ेगा।
-सतपाल सोलंकी, उद्योगपति।
:: दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के हिसार के अनुसार बिजली की दरों में बढ़ोतरी के साथ बिलों का वितरण हुआ है। ऐसे में नए नियम व दर लागू की गई है।
-संदीप मेहता, कार्यकारी अभियंता बिजली वितरण, फतेहाबाद।