नागरिक अस्पताल में बाहर बैठकर इंतजार करते मरीज।
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में सुंदरीकरण और मरम्मत कार्य के चलते बुधवार को डॉक्टरों और मरीजों दोनों की परेशानी बढ़ गई। मरम्मत के नाम पर बिना किसी पूर्व सूचना के सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों के कक्ष खाली करवा दिए और उनकी ओपीडी नशा मुक्ति केंद्र, जच्चा-बच्चा ब्लॉक और ब्लड बैंक में शिफ्ट कर दी गईं। इससे अस्पताल परिसर में भारी अव्यवस्था देखने को मिली।
नोटिस के अभाव में मरीज परेशान
ओपीडी स्थानांतरण के बारे में कोई नोटिस नहीं लगाया गया, जिससे मरीज डॉक्टरों के कक्ष ढूंढते रहे। यहां तक कि बिल काउंटर को भी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन मरीजों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। बुधवार को नशा मुक्ति केंद्र में स्किन और आर्थो ओपीडी लगी, जहां मरीजों की भीड़ से धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। ईएनटी डॉक्टर को शिशु रोग विशेषज्ञ के कक्ष में मरीजों का इलाज करना पड़ा।
दिव्यांगों को भी झेलनी पड़ी दिक्कतें
अस्पताल में दिव्यांगों की मेडिकल जांच के लिए लगे शिविर में भी लोगों को परेशानी हुई। विशेषज्ञ डॉक्टरों के कक्ष बदले जाने से दिव्यांगों को भटकना पड़ा, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई।
मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर सवाल
नागरिक अस्पताल में करीब 4 करोड़ से सिविल वर्क और दो करोड़ से बिजली संबंधित काम हो रहे हैं। अस्पताल में करवाए जा रहे मरम्मत कार्य को लेकर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि फॉल सीलिंग शुरू कर दी गई है, लेकिन छतों की मरम्मत नहीं की जा रही है। बारिश के दौरान पानी टपकने से नुकसान होगा।
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