फतेहाबाद। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की अदालत ने हत्या मामले में सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी करार दिए गए वीना पत्नी राजूराम, सुखबीर सिंह व कृष्णा बाई निवासी अलीकां तहसील रतिया जिला फतेहाबाद को उम्रकैद व 29-29 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस मामले में थाना सदर रतिया पुलिस ने लाला राम निवासी घोटडू (भूना) जिला फतेहाबाद की शिकायत पर 16 सितंबर 2021 को तीनों के खिलाफ धारा 302, 201, 120बी, व 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया था। इससे पहले पुलिस को दी शिकायत में वीना रानी निवासी अलीकां ने बताया था कि 15 सितंबर 2021 को शाम 7 बजे पति राजूराम यह कहकर घर से गया कि गांव में दुकान पर जाकर आता हूं। पर उसके बाद वह नहीं लौटा। काफी तलाश करने पर भी उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने धारा 346 आईपीसी के तहत गुमशुदगी का केस दर्ज किया था।
जांच के दौरान राजूराम का शव घग्गर नदी में रकबा आलूपुर में मिला। इसके बाद मृतक राजू के भाई लालाराम ने हत्या की आशंका जताई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस ने 18 सितंबर 2021 को मृतक राजू के साले सुखबीर सिंह निवासी अलीकां को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सुखबीर सिंह ने बताया कि उसका जीजा राजू राम शराब पीकर उसकी बहन वीना से मारपीट करता था। जीजा राजू को कई बार समझाया लेकिन वह नहीं माना। इस बात से परेशान होकर 15 सितंबर 2021 को उसने अपनी बहन वीना व माता कृष्णा बाई के साथ मिलकर राजूराम की हत्या करने का योजना बनाई।
योजना के मुताबिक वह 15 सितंबर 2021 को अपनी बहन वीना के घर मढ़ गांव में आ गए। रोजाना की तरह जीजा शराब पीकर आया तो राजूराम उसको माता कृष्णा व बहन वीना के साथ बनाई योजना के मुताबिक घग्गर नदी की तरफ ले गए। इस दौरान वे घर से एक रस्सी का टुकड़ा भी साथ लेकर गए थे। वहां जाकर उन तीनों ने राजूराम का गला रस्सी से दबाकर हत्या कर दी। अदालत ने इसी मामले की सुनवाई करते हुए तीनों को दोषी माना और उन्हें सजा सुनाई।