गांव नूरकीअहली में एक ज्वैल्र्स तीन से चार गांवों के ग्रामीणों के सोने के जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गया। अधिकतर ने पुराने जेवरात देकर नए बनवाने और कई लोगों ने जेवरात बनवाने के लिए नकदी जमा करवा रखी थी। मामले को लेकर सोमवार को ग्रामीण इक्ट्ठे होकर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार से मिले और आरोपियों की गिरफ्तारी करके सामान बरामद करने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मामले में करीब 20 दिन पहले शिकायत दी गई लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। वहीं एसएचओ सुखदेव का कहना है कि मामले में ग्रामीणों के पास कोई रिकार्ड नहीं है, इसके अलावा न ही आरोपियों का कोई अता-पता है। सुराग लगाने के लिए मोबाइल लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
मामले के मुताबिक पुलिस अधीक्षक और एसएचओ को दी शिकायत में ग्रामीण नूरकी अहली निवासी रमेश कुमार, कारियां निवासी प्रवीन रानी, कंचन, कारियां निवासी सुनील, नूरकी अहली निवासी गुरप्रीत आदि ने बताया कि फतेहाबाद के शक्ति नगर निवासी गुलशन और उसके भाई चंद्र कुमार ने गांव ज्वैलर्स की दुकान पिछले पांच साल से कर रखी थी। 19 जुलाई की रात को बिना बताए घर और दुकान का सामान लेकर फरार हो गया। आरोप है कि दोनों भाई गांव में सोने व चंादी के जेवरात बनाने का काम करते थे। ग्रामीणों ने उक्त लोगों को जेवरात बनाने के लिए नकदी दी हुई थी और कुछ ने पुराने की जगह नए जेवरात बनाने के लिए दे रखे थे। इसके अलावा कुछ लोगों ने जेवरात गिरवी भी रखे हुए थे। लेकिन आरोपी साजिश के तहत फरार हो गए।
इन लोगों ने लगाए आरोप
पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में रमेश कुमार ने बताया कि उसका 14 ग्राम सोना, डेढ़ लाख नकदी, प्रवीन रानी का 40 ग्राम सोने के जेवरात, कंचन के 20 ग्राम सोने के जेवरात, सुनील से एक लाख रुपये नकदी, रमेश सिंह ने पांच लाख रुपये नकदी, गुरप्रीत सिंह से 25 ग्राम सोना, सोने से तीन तोले सोना, 39 ग्राम चांदी के जेवरात, सुरेंद्र से तीन तोले सोने के जेवरात, शिंटू से तीन तोले सोने के जेवरात व 14 हजार नकदी, नत्थू से डेढ़ लाख नकदी, संतलाल से 40 हजार नकदी, धर्मपाल से आधा तोला सोने के जेवरात व आठ हजार नकदी, ओमप्रकाश से आधा तोला सोने के जेवरात, डीसी राम से आधा तोला सोने के जेवरा व 14 हजार नकदी, विनोद कुमार से आधा तोला सोने के जेवरात व 35 सौ नकदी, हरीराम से सवा तोला सोने के जेवरात, अशोक कुमार से सात ग्राम सोने के जेवरात, संदीप से एक तोला सोने के जेवरात लेकर फरार हो गया है।
मामले को लेकर शिकायत आई है लेकिन शिकायत कर्ताओं के पास कोई रिकार्ड नहीं है। इसके अलावा न ही आरोपियों के पास कोई स्थायी पता है। शिकायत आने के बाद आरोपियों की लोकेशन लगाई हुई है। कोई रिकॉर्ड मिलने के बाद जांच की जाएगी। इसके बाद मामला दर्ज कर लिया जाएगा।
- सुखदेव सिंह, सदर थाना प्रभारी